नाले-नालियों में रखें साफ-सफाई, कहीं न होने दें जलभराव : डीएम

तालाब सुखे हो जलभराव करवा दें ताकि पशु पक्षी आदि को पीने का पानी मिलता रहे

0 6

रायबरेली। बरसात के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने समस्त अधिशाषी अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार को निर्देश दिए बरसात के मौसम में गलियों व नाला एवं नालियों में जल भराव न हो इसके लिए पानी निकासी की व्यवस्था को दुरूस्त रखा जाए जिससे सड़क व गलियों आदि में पानी इक्ठ्ठा न हो ताकि लोगों के आवगमन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े। शहर सहित सभी नगर पंचायतों नगर पालिकाओं की नाला/नालियों में कूड़ा कचरा इक्ठ्ठा से जल के बहाव को बाधित कर रहा हो तो उसे तुरन्त साफ-सफाई करवा दी जाए। जलभराव बाढ आदि से सम्बन्धित सभी आवश्यक तैयारियां दुरूस्त रखे। अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत/नगर पालिका, समस्त एसडीएम को निर्देश दिए कि जलभराव जल जमाव आदि के प्रति सतर्क व संवेदनशील रहकर क्षेत्र का भ्रमण करते हुए आमजन को राहत दें।

बाढ़ व जल भराव, सुखे तालाब आदि पर नजर रखते हुए नियमानुसार कार्यवाही करें। इसके अलावा बाढ चैकियों को पूरी तरह से सक्रिय रखें नाव व नाविको आदि की व्यवस्था को रखे। जो तालाब सुखे हो जलभराव करवा दें ताकि पशु पक्षी आदि को पीने का पानी मिलता रहे। नदियों व नहरो के निकट गांव व निचले स्तरों पर रहने वालों की सूची बना ले ताकि राहत सामग्री आदि को उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि पशुओं हेतु चारे आदि की भी व्यवस्थाए दुरूस्त रखने के साथ ही पशुओं की गौशालाओं में सभी व्यवस्थाए भी दुरूस्त रखें। इसके अलावा कोविड-19 संक्रमण व स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन करे मास्क व सेनेटाईजर एवं सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया जाए। आम जनमानस को कोविड-19 वैक्सीनेशन करने के लिए प्रेरित व जागरूक किया जाये। जनपद में कानून व्यवस्था एवं शांति व्यवस्था को दुरूस्त रखा जाए। साफ-सुथरा रखने के साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम रहें। यातायात बाधित न हो ट्रैफिक आदि की भी व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त रखी जाये। इसके अलावा आपदा प्रबंधन की दृष्टि से सक्रिय रखा जाए।

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने क्षेत्र वासियों से कहें कि अनावश्यक रूप से जलभराव पानी, तालाब आदि के पास न जाए। गंगा व सई नदी अन्य नदियों के किनारे अन्य नदी के पानी के बहाव को भी निरन्तर नजर रखने के साथ ही बाढ़ चैकियां भी अलर्ट रहे कितनी नाव है इसकी भी पूरी सूची रखने के साथ ही बाढ़ राहत सामग्री की भी व्यवस्था भी दुरूस्त रहे। आपदा प्रबन्धन पूरी तरह से सक्रिय रहने के साथ ही असामजिक तत्वों अफवाह फैलाने वालो पर भी कड़ी नजर रखी जाए। कहीं पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने पर जलभराव से लोगों को निजात दिलाए। तालाबों में जलकुम्भी व कुड़ा कचरा आदि जमा हो तो उसे साफ करवा लिया जाए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.