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बच्चे, बड़े और बुजुर्ग की आंखें स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें

लखनऊ: हर 20 में से एक इंसान आंखों से जुड़ी कोई न कोई परेशानी से जूझ रहा होता है. आंखों की 90 फीसदी बीमारियों का इलाज संभव है. आमतौर पर लोग आंखों की देखभाल को नजरअंदाज करते हैं. इससे दिक्कतें बढ़ती हैं. आज वर्ल्ड साइट डे यानी विश्व दृष्टि दिवस है. इस साल की थीम है ‘होप इन साइट’. इसके लिए सबसे जरूरी है आंखों की देखभाल. इस मौके पर बंसल हॉस्पिटल की आई स्पेशलिस्ट और ग्लूकोमा एक्सपर्ट डॉ. विनीता रामनानी बता रही हैं, बच्चे, बड़े और बुजुर्ग कैसे रखें आंखों का ख्याल रखें.

गैजेट इस्तेमाल करते समय पलकें झपकाएं और दिन में 4 बार आंखों को धोएं

बच्चे मोबाइल फोन का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं. इससे सीधा असर उनकी आंखों पर पड़ता है. इनदिनों ऑनलाइन क्लासेस के कारण बच्चों का मोबाइल के साथ अधिक समय बीत रहा है। इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है

1. अगर आंखों में खिंचाव, खुजली, थकावट, लालिमा, पानी आना, धुंधला दिखने जैसी समस्या हो रही है तो अलर्ट हो जाएं. ये डिजिटल आई स्ट्रेन के लक्षण हैं. ये लक्षण गैजेट को अधिक इस्तेमाल करने पर दिखते हैं.
2. डिजिटल गैजेट्स से निकलने नीली रोशनी आंखों पर लगातार पड़ने से इनमें पहले रुखापन आता है फिर मांसपेशियों पर जोर पड़ता है। ऐसे में उनसे गैजेट का इस्तेमाल करने के दौरान पलकें झपकाने के लिए कहें .
3. मोबाइल की स्क्रीन छोटी होने के कारण आंखों पर जोर अधिक पड़ता है. इससे निकलने वाली नीली रोशनी आंखों के सबसे करीब होने के कारण ज्यादा बुरा असर छोड़ती है.

बड़ी उम्र के लोगों के लिए

1. इनदिनों युवा सबसे ज्यादा कम्प्यूटर विजन सिंड्रोम से जूझ रहे हैं. देरतक कम्प्यूटर और लैपटॉप का इस्तेमाल उनकी आंखों को कमजोर कर रहा है. आंखों को स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें
2. लैपटॉप की स्क्रीन और आंखों के बीच कम से कम 26 इंच की दूरी होनी चाहिए. मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो यह दूरी 14 इंच होनी चाहिए. हालांकि यह हाथों की लम्बाई पर भी निर्भर करता है.
3. आंखों को हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए तक 20 फीट तक देखें. इसके बाद वापस काम शुरू कर सकते हैं. आंखों को दिन में 4-5 बार पानी से धोएं.
4. आंखों को साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है, वरना कंजक्टिवाइटिस भी हो सकता है. इसे पिंक आई के नाम से भी जाना जाता है. आंखों को हाथ धोने के बाद ही छुएं.

बुजुर्गों के लिए : ब्लड शुगर और बीपी न बढ़ने दें, बॉडी को एक्टिव रखें

60 साल के बाद बुजुर्गों को खुद या परिजनों को इनका अधिक ख्याल रखने की जरूरत है। बढ़ती उम्र का असर आंखों पर होता है, रोशनी पहले की तरह नहीं होती। इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखें

1. अगर डायबिटीज या ब्लड प्रेशर के मरीज हैं जो डॉक्टरी सलाह का पालन जरूर करें. कोशिश करें कि ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर कंट्रोल में रहे.
2. अगर लगातार तेजी से आंखों की रोशनी कम हो रही है तो डॉक्टरी सलाह लें. शारीरिक रूप से खुद को सक्रिय रखें.
3. अध्ययन बताते हैं कि दृष्टि संबंधी समस्या से जूझ रहे बुजुर्ग अन्य रोगियों की तुलना में 90 प्रतिशत अधिक अवसादग्रस्त हो सकते हैं. रेटिना सम्बंधी रोगों के साथ जी रहे बुजुर्गों को गिरने और चोट लगने का खतरा भी अधिक होता है. ये सभी फैक्टर कोरोनाकाल में बुजुर्ग की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं.

 

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