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जानिए लॉकडाउन के बीच आखिर क्यों 3 गुना बड़े तलाक

लखनऊ : देश में कोरोना वायरस की वजह से 24 March 2020  से  30 June 2020 तक लगातार तीन महीने का लॉकडाउन जारी था। इसी बीच केंद्र सरकार ने सभी को अपने घर पर रहने के आदेश दिए थे। घरेलू हिंसा कि घटनायें इसी बीच बढ़ती नज़र आई थी। लॉकडाउन के चलते सभी दफ्तर बंद कर दिए गये थे।

ऐसे में कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन का असर दुनियाभर में आपसी रिश्तों पर भी पड़ने लगा था। इससे पति-पत्नी में आपसी विवाद के साथ घरेलू हिंसा की घटनाओं में भी कई गुना बढ़ोतरी हुई है। पूरे दिन, एक साथ, एक घर में रहने के बाद कुछ ही दिनो में आपसी लड़ाई- झगडे मारपीट से बढ़कर तलाक तक पहुच गये थे।

घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों का कारण है:   

लॉकडाउन
लॉकडाउन घरेलू हिंसा का सबसे बड़ा कारण था। इस वजह से कई लोग घरों में रहने को मजबूर थे। जिसकी वजह से अन-बन और अन्य कारणों के चलते घरेलू हिंसा हो रही थी। आज भी देश में ज़रूरत से ज़्यादा परिशुद्ध लोग कम नहीं है और यहीं एक सबसे बड़ी वजह है कि घरेलू हिंसा होती है।

शराब
शराब (Alcohol/liquor) घरेलू हिंसा होने का दूसरा कारण है। जब व्यक्ति नशे में होता है तो वो अपने सोचने समझने की शक्ति खो देता है और ऐसे में ही सबसे ज्यादा अपराध होते है।

गुस्सा 
घरेलू हिंसा की एक बड़ी वजह गुस्सा भी है। कई आदमी अपनी पत्नियों पर केवल अपने गुस्से, नाकामयाबी और बेवजह के चिड़चिड़ेपन के चलते हाथ उठा देते है।

वाद-विवाद
पति-पत्नी में मनमुटाव एक आम बात। लेकिन ये बात गलत तब लगती है जब ये हाथापाई तक पहुंच जाती है। हालांकि अक्सर ऐसा होता भी है कि छोटी सी बात वाद-विवाद (Argument) में बदल कर मुठभेड़ तक पहुंच जाती है।

जनता कर्फ्यू से अब तक तीन गुना बढ़े मामले

भारत में जनता कर्फ्यू के बाद से ऐसे मामलों में तीन गुना बढ़ोतरी ने सभी को चिंता में डाल दिया है। इसकी एक बड़ी वजह घरेलू हिंसा है। नौकरी और पैसों की चिंता की वजह से लोग तनाव में थे, खासकर छोटे बिजनेस के मालिक और कर्मचारी। वह बताते है कि इस समय लोग घरों से बाहर नहीं जा पा रहे हैं।तो वह घरों से ही ऑनलाइन या फोन के जरिए तलाक के बार में पूछताछ कर रहे हैं।

वैसे वकीलों के पास लॉकडाउन के दौरान काम नहीं होना चाहिए, लेकिन उनके पास लगातार क्लाइंट्स के कॉल आ रहे है लेकिन ऐसे में भी कि मामले सामने आ रहें हैं।

तलाक की तलाश में लव मैरिज वाले

मुंबई के रहने वाले रोहिणी और सुमित ने दो साल पहले लव मैरिज की थी, लेकिन कुछ महीनो पहले lockdown के दौरान दोनों के बीच में ऐसी कहासुनी हुई कि अब रोहिणी तलाक के लिए ऑनलाइन लीगल एडवाइस ले रही हैं। ऐसा नहीं है कि पहली बार उन दोनों के बीच लड़ाई हुई थी। लेकिन ये पहली बार है, जब रोहिणी को इतना अधिक गुस्सा आया है।

बेंगलुरु की आईटी प्रोफेशनल रोहिणी बताती हैं कि वह काफी सोशल हैं और दोस्तों के साथ मिलते रहना उन्हें अच्छा लगता है। वह कहती हैं कि ‘अगर वह बाहर जा पातीं, दोस्तों से मिल पातीं, तो शायद उन्हें बेहतर महसूस होता। लेकिन वह तो घर में ही उस शख्स के साथ फंस गई थी, जिसका वह चेहरा तक नहीं देखना चाहतीं थी।’ वह कहती हैं कि ‘उनका ये फैसला अचानक जरूर आया है, लेकिन उनका गुस्सा काफी समय से बढ़ता जा रहा था।’

लॉकडाउन के चलते चीन में भी बढे तलाक 

अन्य देशों की तुलना में हर साल चीन से तलाक के मामले सबसे ज्यादा सामने आते थे। शंघाई में तलाक मामले के वकील स्टीव ली का कहना है कि मार्च के मध्य में लॉकडाउन के बाद से उनके पास तलाक से जुड़े मामले 25% बढ़ गए है। चीन में 2003 में तलाक कानून में संशोधन के बाद से ही तलाक दर लगातार बढ़ रही है। वे कहते हैं कि जब लोग घर पर नहीं होते तो उनके पास लव अफेयर के लिए टाइम होता है चीन में 10 में से 6 लोग तलाक की ही बात कर रहे हैं।

30 वर्षीय मिसेज वू ने बताई अपनी कहानी

चीन की दक्षिणी ग्वांगडोंग की रहने वाली 30 वर्षीय मिसेज वू का कहना है। कि उन्होंने आइसोलेशन के चलते पिछले दो महीने अपने पति के साथ गुजारे इन दो महीनों के दौरान उनका रिश्ता तलाक तक पहुंच गया है। वू बताती हैं कि इन दो महीने में वे दोनों लड़ते ही रहे उनके पति को पैसे कम मिलते हैं लेकिन ऑफिस का काम बहुत ज्यादा करते हैं। वे बच्चों की देखभाल में भी बराबर टाइम नहीं देते मैं अब और नहीं सहना चाहती हम दोनों तलाक के लिए सहमत हो गए हैं।

 

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