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मध्य प्रदेश: पत्नी ने पति को नींद की गोलियां खिलाकर नाले में बहाया

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में 28 साल की महिला ने प्रेमी की मदद से पति की हत्या कर दी। वारदात को इस तरह से अंजाम दिया गया कि किसी को उसपर शक नहीं हुआ। इसके बाद वह 22 महीने से प्रेमी के साथ रह रही थी। मगर कहते हैं ना सच्चाई एक दिन सामने आ ही जाती है। ऐसा ही कुछ महिला के साथ हुआ। ननद के एक शक ने उसकी सारी होशियारी पर पानी फेर दिया। अब प्रेमी और महिला को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

महिला ने पति को नींद की गोलियां खिलाकर उसके कपड़े उतार दिए। इसके बाद बेहोशी की हालत में उसे जिंदा नाले में बहा दिया। पुलिस ने जहां अज्ञात के रूप में उसके क्षत-विक्षत शव का अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं आरोपी ने बुजुर्ग सास और परिवार को यह कहकर गुमराह किया कि पति को गुजरात में नौकरी मिल गई है। मृतक की पहचान विश्वनाथ सखवार के रूप में हुई है। मृतक की पत्नी का उनके खेत में काम करने वाले मजदूर अरविंद के साथ अवैध संबंध थे।

नींद की गोलियां खिलाकर नाले में बहाया

पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने प्रेमी के साथ योजना बनाई। प्लान के अनुसार, उसने 23 नवंबर 2020 की शाम को पति को नींद की गोलियां खिलाईं। जब वह सो गया तो उसके कपड़े उतारकर अरविंद की मदद से उसे नाले में बहा दिया। उसके डूबने पर दोनों मौके से फरार हो गए। अरविंद ने विश्वनाथ को पानी में फेंकने से पहले उसके फोन से सिम निकाल दिया था
शव की नहीं हुई थी पहचान

24 नवंबर 2020 को सरायछोला थाने को सिकरौडा नहर में एक शव मिला था। शव को मछलियों ने खाया हुआ था और गलने की वजह से उसकी पहचान नहीं हो पाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद लावारिस के रूप में दफना दिया। पोस्टमार्टम में उसकी मौत का कारण डूबना बताया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।

प्रेमी बेटा बनकर करता था बात

इस बीच विश्वनाथ की 80 वर्षीय मां ने अपने बेटे के बारे में पूछताछ की तो पत्नी ने कहा कि वह बेहतर नौकरी की तलाश में गुजरात चला गए हैं। सात महीने बाद विश्वनाथ की पत्नी मुरैना चली गई और अरविंद के साथ रहने लगी। विश्वनाथ की मां अक्सर उससे बात करने की जिद किया करती थी। अरविंद हर बार अपने फोन में सिम कार्ड बदलता विश्वनाथ बनकर बात करता था। बुजुर्ग मां उसकी आवाज नहीं पहचान पाई।

ननद के शक ने पहुंचाया जेल

यह सिलसिला 22 महीने तक चलता रहा और मृतक की मां को यह भरोसा था कि उसका बेटा जिंदा है और एक दिन उसके पास लौट आएगा। हाल ही में पास के गांव में रहने वाली विश्वनाथ की बहन वंदना ने भाभी से संपर्क किया और भाई से बात करवाने को कहा। अरविंद ने फोन उठाया और बात शुरू की तो वंदना को शक हुआ।