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कृषि कानून की वापसी तक जारी रहेगा संघर्ष : मनिंदरजीत सिंह

लखीमपुर खीरी। नए कृषि कानूनों की वापसी को लेकर देशभर में किसानों का आंदोलन लगातार बड़ा रूप अख्तियार करता जा रहा है। कई दौर की बातचीत में भी किसानों और सरकार के बीच बातचीत में कोई निर्णायक हल नहीं निकल रहा है। किसान अपनी मांग को लेकर डटे हुए हैं तो सरकार किसानों से बिंदुवार बातचीत के लिए आग्रह कर रही है।

किसान मजबूत और फौलादी इरादों के साथ डटे

इन सब के बीच दिल्ली के सिंघु बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर किसान मजबूत और फौलादी इरादों के साथ डटे हुए हैं। कड़ाके की ठंड और बेमौसम बरसात भी किसानों के हौसले को तोड़ नहीं पा रही हैं और किसानों के इस आंदोलन में तमाम तरह के लंगर और किसानों के हौसला अफजाई के लिए देश भर से किसान इकट्ठा हो रहे हैं, फिर वह चाहे पश्चिमांचल हो या फिर पूर्वांचल।

इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के युवा नेता, समाजसेवी और उद्यमी मनिंदरजीत सिंह गिल (लवी) ने भी किसानों के आंदोलन में अपना सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर के किसान इस आंदोलन में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। गिल ने कहा कि जब तक सरकार यह बिल वापस नहीं करती है उनका संघर्ष जारी रहेगा और इसके साथ ही साथ किसानों के लिए 50 क्विंटल आटा और आर्थिक सहयोग भी दिया है।

सरकार से भी टकराने को तैयार हैं

गिल ने कहा है कि किसानों को किसी भी तरह की समस्या नहीं होनी चाहिए और इसके लिए वह सरकार से भी टकराने को तैयार हैं। किसान हमारे देश के अन्नदाता हैं और उनके साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जान कुर्बान करनी पड़े।

लवी गिल लखीमपुर के तमाम सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और उनके साथ भारी संख्या में समर्थक भी कदमताल करते हैं। गिल ने कहा कि जब तक किसानों का आंदोलन चलेगा तब तक किसानों को आर्थिक सहायता मुहैया कराते रहेंगे। बता दें कि कड़ाके की ठंड में किसानों को ठंड से बचने के लिए लवी ने पांच सौ कंबल भी मुहैया कराएं हैं।

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