बसपा विधायकों की अखिलेश से मुलाकात पर मायावती भड़कीं

बसपा के पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा ने पार्टी छोड़ने का ऐलान

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव से पहले यहां सियासी हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को बसपा के 6 बागी विधायकों ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। इस पर बसपा प्रमुख मायावती भड़क गईं। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिए सपा पर हमला बोला।

उन्होंने कहा कि सपा का चाल, चरित्र और चेहरा हमेशा से ही दलित विरोधी रहा है। बसपा के निलंबित विधायकों से मिलने का मीडिया में प्रचार करना एक नाटक है। यह यूपी में पंचायत चुनाव के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के लिए की गई पैंतरेबाजी से ज्यादा कुछ भी नहीं है।
इस बीच गाजियाबाद से बसपा के पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया। खबर है कि वे सपा जॉइन करेंगे। इसके अलावा भाजपा और अन्य दलों के 21 नेता भी सपा में शामिल होंगे।

मायावती ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि घृणित जोड़तोड़, द्वेष व जातिवाद आदि की संकीर्ण राजनीति में माहिर समाजवादी पार्टी द्वारा मीडिया के सहारे यह प्रचारित करना कि बीएसपी के कुछ विधायक टूट कर सपा में जा रहे हैं घोर छलावा। जबकि उन्हें काफी पहले ही सपा व एक उद्योगपति से मिलीभगत के कारण राज्यसभा के चुनाव में एक दलित के बेटे को हराने के आरोप में बीएसपी से निलंबित किया जा चुका है। सपा  अगर इन निलंबित विधायकों के प्रति थोड़ी भी ईमानदार होती तो अब तक इन्हें अधर में नहीं रखती। क्योंकि इनको यह मालूम है कि बीएसपी के यदि इन विधायकों को लिया तो सपा में बगावत व फूट पड़ेगी, जो बीएसपी में आने को आतुर बैठे हैं। जगजाहिर तौर पर सपा का चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा ही दलित-विरोधी रहा है, जिसमें थोड़ा भी सुधार के लिए वह कतई तैयार नहीं। इसी कारण सपा सरकार में बीएसपी सरकार के जनहित के कामों को बन्द किया व खासकर भदोई को नया संत रविदास नगर जिला बनाने को भी बदल डाला, जो अति-निन्दनीय। वैसे बीएसपी के निलंबित विधायकों से मिलने आदि का मीडिया में प्रचारित करने के लिए कल किया गया सपा का यह नया नाटक यूपी में पंचायत चुनाव के बाद अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख के चुनाव के लिए की गई पैंतरेबाजी ज्यादा लगती है।यूपी में बीएसपी जन आकांक्षाओं की पार्टी बनकर उभरी है जो जारी रहेगा।

अलग पार्टी बनाने का भी विचार
बसपा से निष्कासित विधायक असलम राइनी ने मंगलवार को अखिलेश से मुलाकात के बाद अलग दल बनाने का भी दावा किया है। असलम ने कहा कि उनके साथ 11 विधायक हैं। कुछ ही दिनों में वे अपना अलग दल बनाने पर भी विचार करेंगे। नए दल के साथ सपा से गठबंधन पर विचार किया जा रहा है।

बसपा से निलंबित विधायक
असलम राइनी (भिनगा-श्रावस्ती)
असलम अली चौधरी (ढोलाना-हापुड़)
मुजतबा सिद्दीकी (प्रतापपुर-प्रयागराज)
हाकिम लाल बिंद (हांडिया-प्रयागराज)
हरगोविंद भार्गव (सिधौली-सीतापुर)
सुषमा पटेल (मुंगरा बादशाहपुर-जौनपुर)
वंदना सिंह (सगड़ी-आजमगढ़)
रामवीर उपाध्याय (सादाबाद-हाथरस)
अनिल सिंह (पुरवा-उन्नाव)।

बसपा से बर्खास्त विधायक
लालजी वर्मा (कटहरी-अम्बेडकरनगर)
रामअचल राजभर(अकबरपुर-अम्बेडकरनगर)।

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