Friday , July 1 2022

Mayawati ने सपा पर बोला हमला- कहा केस को वापस लेकर बहुत बड़ी गलती की

लखनऊ । बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के दौरान सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए सपा से हाथ मिलाया था। लेकिन उनके परिवारिक अंतरकलह के कारण बसपा के साथ गठबंधन कर भी वो ज्यादा लाभ नहीं उठा पाए। चुनाव के बाद उन्होंने हमसे संपर्क बंद कर दिया और इसीलिए हमने अपने रास्ता बदल लिया है।

 

मायावती ने कहा कि इस बार NDA को सत्ता में आने से रोकने के लिए हमारी पार्टी ने सपा सरकार में मेरी हत्या करने के षड्यंत्र की घटना को भूलाते हुए देश में संकीर्ण ताकतों को कमजोर करने के लिए सपा के साथ गठबंधन करके लोकसभा चुनाव लड़ा था।

तानाशाह बने कोआर्डिनेटर नहीं करते बात

बागी विधायकों ने अब बसपा प्रमुख मायावती के बजाए को-आर्डिनेटरों पर अधिक निशाना साधा है। प्रतापपुर से विधायक मुज्तबा सिद्दीकी का कहना था कि को-आर्डिनेटरों का रवैया काबिल-ए-बर्दाश्त नहीं रह गया है। किसी का हालचाल पूछना तो दूर सीधे मुंह बात भी नहीं करते है। हंडिया से विधायक हाकिम लाल ङ्क्षबद को भी कमोबेश यही शिकायत है।

श्रावस्ती की भिनगा सीट से विधायक असलम राईनी के तौर तरीके काफी दिनों से बसपा की मुख्यधारा से अलग दिख रहे है। उन्होंने कहा कि उनके साथ धोखा हुआ है। राईनी के पुत्र व प्रतिनिधि आतिफ असलम तो एक कदम आगे बढ़ गए। उन्होंने महासचिव सतीश मिश्रा पर धमकाने का आरोप भी लगाया। एक दिन पूर्व समाजवादी पार्टी में अपनी पत्नी को सदस्यता ग्रहण कराने वाले धौलाना से विधायक असलम चौधरी को बसपा की भाजपा से नजदीकी बढ़ती दिखने पर कड़ा एतराज है।

 

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