विधायक रूपज्योति ने दिया इस्तीफा, बीजेपी में होंगे शामिल

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी अपना इस्तीफा दे चुके

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गुवाहाटी। असम में विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस को एक और झटका लगा है। पार्टी के विधायक रूपज्योति कुर्मी ने पार्टी से और विधानसभा से शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही बीजेपी में शामिल होंगे। मारिअनी विधानसभा सीट से विधायक कुर्मी ने विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी को यहां उनके कार्यालय में इस्तीफा सौंपा। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी अपना इस्तीफा दे चुके हैं।
चार बार विधायक रह चुके कुर्मी ने कहा कि वह 21 जून को बीजेपी में शामिल होंगे। इस बीच कांग्रेस ने कुर्मी को उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से निष्कासित कर दिया है। असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने एक वक्तव्य में कहा कि इस फैसले को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने मंजूरी दी है। बोरा ने पूर्व विधायक राणा गोस्वामी की अगुवाई में तीन सदस्यीय दल बनाया है जो मारिअनी क्षेत्र में जाकर वहां राजनीतिक हालात का जायजा लेगा।

क्या बोले रूपज्योति कुर्मी ?
कुर्मी चाय बागान श्रमिक समुदाय से आते हैं। वह कांग्रेस के मंत्री रह चुके रूपम कुर्मी के पुत्र हैं तथा मरिआनी क्षेत्र से 2006 से चुनाव जीतते रहे हैं। विधायक रूपज्योति कुर्मी ने कहा कि दिल्ली में आलाकमान और गुवाहाटी के नेता पार्टी में बुजुर्ग नेताओं को ही प्राथमिकता देते हैं। इस लिए मैं कांग्रेस छोड़ रहा हूं। कुर्मी ने कहा कि हमने उनसे कहा था कि कांग्रेस के पास इस बार सत्ता में आने का अच्छा मौका है। ऐसे में हमें एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए था क्योंकि यह एक गलती होगी। वास्तव में यह बात सही साबित हुई।

कांग्रेस अपने युवा नेताओं की नहीं सुन रही
राहुल गांधी को कमजोर नेता बताते हुए उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस अपने युवा नेताओं की नहीं सुन रही है। इसलिए सभी राज्यों में इसकी स्थिति खराब होती जा रही है। मैं विधानसभा अध्यक्ष से मिलूंगा और अपना इस्तीफा दे दूंगा। जहां तक राहुल गांधी का सवाल है, तो वह पार्टी नेतृत्व करने में असमर्थ हैं। अगर वह शीर्ष पर हैं, तो पार्टी आगे नहीं बढ़ेगी।

निजीकरण का विरोध करते हुए काटी थी हथेली
रूपज्योति कुर्मी ने साल 2019 में असम विधानसभा में कैचर और जगरोड में दो पेपर मिलों के निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान रूपज्योति कुर्मी ने अपने बाएं हाथ की हथेली काट ली थी। साथ ही राज्य सरकार का विरोध जताते हुए एक सफेद कागज पर खून से नारे लिखे थे। हालांकि, बाद में उन्होंने इस घटना के लिए माफी मांगी थी।

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