Thursday , October 6 2022
मोदी सरकार की नीतिगत पंगुता, धार्मिक टकराव, भ्रष्टाचार के कारण रुपया ICU में पहुंचा : कांग्रेस
मोदी सरकार की नीतिगत पंगुता, धार्मिक टकराव, भ्रष्टाचार के कारण रुपया ICU में पहुंचा : कांग्रेस

मोदी सरकार की नीतिगत पंगुता, धार्मिक टकराव, भ्रष्टाचार के कारण रुपया ICU में पहुंचा : कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में गिरावट को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतिगत पंगुता, धार्मिक टकराव और भ्रष्टाचार की वजह से रुपया आईसीयू में चला गया है।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, देश के इतिहास में पहली बार डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत 77.41 रुपये के न्यूनतम स्तर पर चली गई। 75 साल में पहली बार रुपया आईसीयू में है और भाजपा के मार्गदर्शमंडल की तय आयु को भी पार कर गया है। प्रधानमंत्री की आयु को तो वह पहले ही पार चुका है।
उन्होंने कहा, चारों ओर महंगाई का हाहाकार है और अर्थव्यवस्था पर से लोगों का विश्वास उठ गया है। देश में निवेश नहीं आ रहा है, बल्कि उल्टे वापस चला गया है। भ्रष्टाचार, नीतिगत पंगुता और धर्म के आधार पर अशांति के कारण हमारे यहां निवेश नहीं है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आने के कारण भी रुपये की कीमत गिर गई है।
सुरजेवाला ने दावा किया, मोदी सरकार सिर्फ हिंदू-मुसलमान का टकराव पैदा कर अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है। जब अशांति होगी, भ्रष्टाचार होगा, नीतिगत पंगुता होगी तो फिर रुपया तो कमजोर होगा ही।
विदेशी कोषों की बिकवाली जारी रहने और विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा की मजबूती के चलते रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 52 पैसे की गिरावट के साथ सर्वकालिक निचले स्तर 77.42 पर आ गया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 77.17 पर खुला, और फिर गिरावट दर्ज करते हुए 77.42 पर आ गया जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 52 पैसे की गिरावट दर्शाता है।

बता दें कि भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के अपने न्यूनतम स्तर 77.42/डॉलर पर पहुंच गया। बकौल रॉयटर्स, शांघाई में कड़े लॉकडाउन से वैश्विक बाज़ार और अधिक प्रभावित होने व फेडरल रिज़र्व द्वारा नीतियों को सख्त करने की आशंका के बीच अमेरिकी शेयर वायदा में गिरावट के कारण सोमवार को एशियाई शेयर बाज़ार में गिरावट देखने को मिली।