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नवनीत राणा ने दी उद्धव ठाकरे को चुनौती

अमरावती से निर्दलीय सासंद नवनीत राणा को रविवार 8 मई को लीलावती अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। अस्पताल से निलकने के बाद नवनीत राणा के हाथ में हनुमान चालीसा की एक किताब भी साथ थी।समर्थकों ने अस्पताल के बाहर नवनीत राणा का आरती और शंख नाद के साथ स्वागत किया। इस बीच मीडिया से बातचीत के दौरान नवनीत राणा ने कहा कि, मैं महाराष्ट्र की जनता और ठाकरे सरकार से सवाल करना चाहती हूं कि मैंने ऐसी क्या गलती कि जो मुझे ऐसी सजा दी गई। अगर हनुमान चालीसा और भगवान राम का नाम लेना गुनाह है तो 14 दिन नहीं 14 साल जेल में रहने को तैयार हूं। 14 दिन में दबने वाली हूं। हमारी लड़ाई जारी रहेगी। नवनीत ने ठाकरे सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो उद्धव ठाकरे मरे खिलाफ चुनाव जीतकर दिखाए। 

नवनीत के विधायक पति रवि राणा ने भी एक बयान जारी कर कहा कि वे लड़ाई नहीं छोड़ेंगे और जल्द ही दिल्ली का दौरा करेंगे और अमित शाह को घटनाक्रम से अवगत कराएंगे। उन्होंने कहा कि “हम लड़ने के लिए दृढ़ हैं। मुख्यमंत्री हम पर दबाव बनाकर कार्रवाई कर रहे हैं, ”। इससे पहले शनिवार को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के लीलावती अस्पताल में अमरावती सांसद नवनीत राणा से मुलाकात की। हाल ही में जमानत पाने वाले निर्दलीय सांसद का अस्पताल में इलाज चल रहा था। फडणवीस के अस्पताल के दौरे के दौरान नवनीत राणा के विधायक पति रवि राणा भी मौजूद थे।

फडणवीस ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हनुमान चालीसा के पाठ के मुद्दे पर राणा दंपत्ति का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि “अगर यहाँ नहीं तो क्या पाकिस्तान में हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा?”

7 मई को अमरावती के सांसद से मिलने के दौरान फडणवीस के साथ बीजेपी नेता आशीष शेलार भी थे। इससे पहले, भाजपा नेता किरीट सोमैया ने भी अस्पताल का दौरा किया था और कहा था कि भायखला जेल में नवनीत राणा के साथ जिस तरह से दुर्व्यवहार किया गया था, उसकी कहानियां सुनकर वह स्तब्ध हैं। भायखला जेल से रिहा होने के तुरंत बाद अमरावती की सांसद को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद रखा गया था। उन्हें हाई बीपी, सीने में दर्द और बदन दर्द की शिकायत की थी।