Wednesday , July 6 2022

Bihar Election: नही मिला गुप्तेश्वर पांडेय को टिकट, चुनावों में करेंगे अब यह काम

पटना: बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने जब समय से पहले अपना इस्तीफा देकर जब बिहार की सत्ताधारी पार्टी JDU में शामिल होने का निर्णय किया तो क़यास लगाई जा रही थी कि इस बार जदयू उन्हें विधानसभा चुनाव में लड़ने के लिए टिकट दे सकती है। लेकिन गुरुवार को पांडेय खुद के चुनाव लड़ने के सभी कयासों पर विराम लगा दिया। गुरुवार को पटना में एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि फिलहाल समीकरण ऐसे नहीं हैं। कभी कभी ऐसा होता है कि जो आप चाहते हैं, वैसा नहीं होता। हालांकि, उन्होंने भविष्य में चुनाव लड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया है। उन्होंने कहा- मैं अब एक राजनीतिक पार्टी का सदस्य हूं और चुनाव लड़ सकता हूं। जरूर ही लडूंगा।

प्रेस कांफ्रेंस कर कही ये बात

पांडेय ने प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत में ही मीडिया से कहा कि मुझे पता है कि आप सब एक ही सवाल करेंगे। इसलिए मैं पहले अपनी बात कह देता हूं। इसके बाद उन्होंने कहा- मेरे वीआरएस लेने और एक पार्टी का सदस्य बनने का चुनाव लड़ने से कोई संबंध नहीं है। मैं इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहा हूं। मैं एनडीए के साथ हूं और रहूंगा। मैं दोनों दलों के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर प्रचार करूंगा। मैं अब एक राजनीतिक पार्टी का कार्यकर्ता हूं। पार्टी मेरी जिम्मेदारी तय करेगी, जिसे मैं निष्ठापूर्वक निभाऊंगा।

चुनाव में बनेंगे एनडीए स्टार प्रचारक

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुप्तेश्वर पांडेय इस बार विधानसभा चुनाव में एनडीए के स्टार प्रचारक होंगे। वे एनडीए में शामिल भाजपा और जदयू के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। पांडेय का बिहार के शाहाबाद, बेगूसराय और तिरहुत इलाकों में खासा प्रभाव है। इन इलाकों में उन्होंने लंबे समय तक पुलिस अधिकारी के तौर पर काम किया है। अब वह यहां भाजपा और जदयू प्रत्याशियों के लिए प्रचार करेंगे। बिहार में चुनाव के बाद एनडीए की सरकार बनने की स्थिति में उन्हें विधान परिषद भेजा जाएगा।

सुशांत मामले पर महाराष्ट्र को फिर लताड़ा

बिहार के पूर्व डीजीपी सुशांत मामले में मीडिया में अपने बयानों को लेकर खासा चर्चित हुए थे। टीवी चैनलों पर दिए उनके बयानों की कहीं आलोचना हुई तो कहीं सराहना। इससे जुडे़ सवाल पर उन्होंने कहा, “मैंने कोई गलती नहीं की। कोई अफ़सोस भी मुझे नहीं है। महाराष्ट्र के डीजीपी और मुंबई पुलिस ने जैसा बर्ताव मेरे अधिकारियों के साथ किया, उसके बाद मेरे पास मीडिया में बोलने के अलावा कोई चारा नहीं था।”

फेसबुक पोस्ट कही फ़ोन न करने की बात

पांडेय ने बुधवार की रात फेसबुक पोस्ट कर कहा था कि वे अब चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। लेकिन इससे उनके शुभचिंतकों को निराश नहीं होना चाहिए। उन्होंने लिखा था- अपने अनेक शुभचिंतकों के फ़ोन से परेशान हूं। मैं उनकी चिंता और परेशानी भी समझता हूं। मेरे सेवामुक्त होने के बाद सबको उम्मीद थी कि मैं चुनाव लड़ूंगा लेकिन मैं इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहा। हताश निराश होने की कोई बात नहीं है। धीरज रखें। मेरा जीवन संघर्ष में ही बीता है। मैं जीवन भर जनता की सेवा में रहूंगा। कृपया धीरज रखें और मुझे फ़ोन नहीं करें। बिहार की जनता को मेरा जीवन समर्पित है। अपनी जन्मभूमि बक्सर की धरती और वहां के सभी जाति मज़हब के सभी बड़े-छोटे भाई-बहनों माताओं और नौजवानों को मेरा पैर छू कर प्रणाम! अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें।

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