Tuesday , September 27 2022
भोपाल में सिर्फ महिला लड़ सकेगी जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव
भोपाल में सिर्फ महिला लड़ सकेगी जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव

भोपाल में सिर्फ महिला लड़ सकेगी जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव

भोपाल। मध्य प्रदेश के 52 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पद को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। भोपाल में इस बार सिर्फ महिला ही जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ सकेगी। इंदौर, ग्वालियर में सीट SC महिला के लिए रिजर्व हुई है। 26 जिले अनारक्षित किए गए हैं। इनमें CM शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला सीहोर भी शामिल है। 52 जिला पंचायतों में से अनुसूचित जाति के लिए 8, अनुसूचित जनजाति के लिए 14 सीटें आरक्षित हैं। OBC के लिए सिर्फ 4 सीटें आरक्षित की गई हैं। यह 7.69% है। यह पिछली बार से आधी ही हैं। इसके लिए 18 सीटों में से पर्ची निकाली गई। जनसंख्या समेत पिछले रिजर्वेशन को आधार बताते हुए आरक्षण की कार्रवाई की गई। 4 में से 2 महिलाओं के लिए सीट आरक्षित की गई है। 8 जिला पंचायतें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई हैं। इनमें इंदौर, ग्वालियर, खंडवा, छिंदवाड़ा, सिवनी, कटनी, रतलाम और देवास शामिल हैं। इंदौर, ग्वालियर, रतलाम और देवास SC महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
रिजर्वेशन प्रोसेस भोपाल के जल प्रबंधन संस्थान (वाल्मी, कलियासोत के पास) में पंचायती राज विभाग के संचालक आलोक कुमार सिंह ने पूरी कराई। नगरीय निकाय के अध्यक्षों के रिजर्वेशन प्रोसेस में देरी हो सकती है, क्योंकि 300 से ज्यादा निकायों के लिए यह कार्रवाई होगी। ऐसे में समय लग सकता है। हालांकि, इनकी प्रारंभिक तस्वीर पहले ही तय हो चुकी है।
प्रदेश के नगरीय निकायों के चुनावों के लिए नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद का रिजर्वेशन भी 31 मई को होगा। दोपहर 3 बजे रविंद्र भवन के ऑडिटोरियम में आरक्षण की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान प्रदेश के 16 नगर निगमों के महापौर पद के लिए नया आरक्षण नहीं होगा। महापौर के लिए दिसंबर 2020 में कराई गई आरक्षण प्रक्रिया ही मान्य होगी। विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी एवं कमिश्नर नगरीय प्रशासन व विकास निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नगर पालिका परिषद और नगर परिषदों के आगामी सामान्य निर्वाचन के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका (महापौर तथा अध्यक्ष पद का आरक्षण) नियम 1999 के अंतर्गत अध्यक्ष पदों के संशोधित आरक्षण की कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के 317 नगरीय निकायों में चुनाव होना हैं, जिनमें 16 नगर निगम भी शामिल हैं। महापौर पद के लिए आरक्षण नहीं होगा। प्रदेश में 16 नगर निगम, 99 नगर पालिका और 298 नगर परिषद हैं।