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मेवालाल के बाद अब इस मंत्री को पद से हटाने की उठी मांग, जानिए क्या है वजह

पटना : भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे बिहार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी के इस्तीफे के बाद अब विपक्ष स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे जैसे मंत्रियों को भी तत्काल मंत्रिमंडल से बाहर करने की मांग कर रहा है. आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि राज्य में पूरे कोरोनाकाल में स्वास्थ्य सेवा लचर थी, लेकिन उन्हें फिर से उसी विभाग का मंत्री बना दिया गया है. बिहार में स्वास्थ्य विभाग में अलग चेहरा देना चाहिए, क्योंकि वह एक कठपुतली हैं जिनकी डोर कहीं और है.

लॉकडाउन के समय में मंगल पांडेय साबित हुए थे नकारा

इसी क्रम में भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल ने कहा सरकार के गठन के तीन दिन के अंदर शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी को मंत्रिमंडल से हटाया जाना यह जनदबाव का नतीजा है. उन्होंने कहा है कि पहले ही दिन से भाकपा-माले, पूरा विपक्ष और बिहार की जनता दागी व्यक्ति को शिक्षा मंत्री जैसे पद दिए जाने का विरोध कर रही थी.

जब पूरे बिहार में इसका प्रतिवाद हुआ तो मजबूरन मेवालाल चौधरी को पद से हटाना पड़ा है. उन्होंने आरोप लगाया कि लॉकडाउन के समय में मंगल पांडेय नकारा साबित हुए हैं. पूरे बिहार में लगातार उनकी बर्खास्तगी की मांग उठाती रही है, लेकिन फिर से उन्हें स्वास्थ्य मंत्री बना दिया गया.

दूसरी बार स्वास्थ्य मंत्री बने थे मंगल पांडेय

वहीं मंत्री मंगल पांडेय ने गुरुवार को दूसरी बार स्वास्थ्य विभाग का पदभार ग्रहण किया. कहा कि बिहार की गरीब जनता को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना उनकी प्राथमिकता रही है. उन्होंने कहा कि गांवों के स्वास्थ्य उपकेंद्र से लेकर सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच तक में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में विभाग प्रयत्नशील है.

विभाग के खाली पदों को भी शीघ्र भरा जायेगा. इस दिशा में कार्रवाई जारी है. मंत्री ने कहा कि अस्पतलों में साफ-सफाई की व्यवस्था और सुदृढ़ की जाएगी. इसे प्राथमिकता में शामिल किया गया है. मरीजों को मुफ्त दी जाने वाली दवाओं की संख्या में वृद्धि की जाएगी. अभी 225 प्रकार की दवाएं दी जाती हैं.

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