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बिहार चुनाव: पासवान से लेकर मांझी में खुद को दलित राजनीति का चेहरा बताने की होड़

पटना: एक बड़ी पुरानी कहावत है- एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकती, और अगर किसी तरह से एक म्यान में दो तलवारें रख भी दी जाए तो क्या होगा इसका अंदाज़ा तो अभी लगा सकते हैं। लेकिन बिहार की राजनीति में तो एक म्यान में तीन तलवार डाल दी गई हैं। अब ऐसे में हर एक तलवार चाहती है कि उसकी धार सबसे ज्यादा हो और उसकी चमक सबसे अधिक दिखे।

दरअसल बिहार एनडीए में दलित राजनीति को लेकर खींचतान मची हुई है। लोजपा के चिराग पासवान, हम के जीतन राम मांझी और जदयू के नेताओं में सबसे बड़े दलित नेता बनने की होड़ लगी है। चूँकि मामला बिहार चुनाव से जुड़ा हुआ है तो सभी की नज़रे इन पार्टियों पर टिकी हुई है।

जदयू और लोजपा के बीच जुबानी नहीं ले रही जंग थमने का नाम

बिहार की सबसे बड़ी पार्टी मानी जाने वाली जदयू और लोजपा के बीच शुरू हुई जुबानी जंग थमने का नाम ही नहीं ले रही है। कभी लोजपा के नेता जदयू पर हमलावर होते हैं तो कभी जदयू के नेता लोजपा नेताओं पर हमला बोलते हैं। एक बार फिर से जेडीयू के दलित नेता और सरकार में दो-दो विभागों के मंत्री महेश्वर हजारी ने चिराग पासवान जमकर हमला बोला है। महेश्वर हजारी ने चिराग पासवान पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेता पंडित जी को पतरा दिखाकर बिहार आते हैं और बड़े-बड़े सपने देखते हैं। सपना देखना गलत बात नहीं है, लेकिन सपना को पूरा करने के लिए सकारात्मक काम करने होते हैं जो वह नहीं करते हैं।

आगे भी नीतीश ही रहेंगे बिहार के मुख्यमंत्री

जेडीयू नेता महेश्वर हजारी ने विपक्ष के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भी हमला बोलते हुए कहा कि कुछ नेता मुख्यमंत्री बनने का सपना भी देख रहे हैं, लेकिन उन्हें मालूम होना चाहिए कि फिलहाल बिहार में मुख्यमंत्री पद की कोई वैकेंसी नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 15 सालों से जिस तरह से बिहार की सेवा करते रहे हैं आगे भी वह बिहार की सेवा करते रहेंगे। बिहार में नीतीश कुमार का कोई ऑप्शन नहीं है। बिहार सुरक्षित हाथों में है।

राजद ने किया पलटवार

महेश्वर हजारी के बयान पर राजद के नेता भाई बिरेंद्र ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा कि महेश्वर हजारी देर रात हमारे नेता तेजस्वी यादव से मिलने चोरी छिपे आते थे। रात में मिलने आते हैं और दिन में उनके खिलाफ बोलते हैं। महेश्वर हजारी साफ करें कि आखिर वह करना क्या चाहते हैं। पहले चिराग पासवान की तरफ से एनडीए में लगाए गए आग को बुझाएं फिर महेश्वर हजारी अपनी बात कहें।

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