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PM मोदी ने ओड़िशा के संबलपुर में आईआईएम के स्थायी परिसर की आधारशिला रखी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओड़िशा के संबलपुर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) के स्थायी कैंपस की आधारशिला रखी। पीएम मोदी ने कहा कि आज आईआईएम कैंपस के शिलान्यास के साथ ही ओड़िशा के युवा सामर्थ्य को मजबूती देने वाली एक नई शिला भी रखी गई है। आईआईएम का ये स्थायी कैंपस ओड़िशा के महान संस्कृति और संसाधनों की पहचान के साथ ओड़िशा को मैंनेजमेंट जगत में नई पहचान देने वाला है। आईआईएम का नया कैंपस ओडिशा को नई पहचान दिलाएगा। बीते दशकों में एक ट्रेंड देश ने देखा। बाहर की मल्टीनेशनल कंपनियां बड़ी तादाद में आईं और आगे बढ़ी।

ये सदी नए मल्टीनेशनल के निर्माण का रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के मल्टीनेशनल्स दुनिया में छा जाएं, ये समय आ गया है। टीयर-2, टीयर-3 शहरों में आज स्टार्टअप्स बन रहे हैं। आज का स्टार्टअप, कल का मल्टीनेशनल है। इसके लिए नए मैनेजर चाहिए। आज खेती से लेकर हर सेक्टर में रिफॉर्म किए जा रहे हैं। ब्रांड इंडिया को ग्लोबल पहचान की दिलाने की जिम्मेदारी हम सबकी खासकर युवाओं की है। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस समारोह में ओड़िशा के राज्यपाल गणेशी लाल, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और केंद्रीय पशुपालन राज्य मंत्री प्रतापचंद्र सारंगी भी शामिल हुए।

ओड़िशा के विकास को मिलेगी नई गति

पीएम मोदी ने कहा कि  बीते दशकों में एक ट्रेंड देश ने देखा, बाहर बने मल्टी नेशनल बड़ी संख्या में आए और इसी धरती में आगे भी बढ़े। ये दशक और ये सदी भारत में नए-नए मल्टीनेशसल्स के निर्माण का है। देश के नए क्षेत्रों में नए अनुभव लेकर निकल रहे मैंनेजमेंट एक्सपर्ट भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इस साल भारत ने कोविड संकट के बावजूद पिछले सालों की तुलना में ज्यादा यूनिकॉर्न दिए हैं। जब आपमें से अनेक साथी संबलपुरी टेक्सटाइल और कटक की फिलिगिरी कारीगरी को ग्लोबल पहचान दिलाने में अपने कौशल का इस्तेमाल करेंगे, यहां के टूरिज्म को बढ़ाने  के लिए काम करेंगे। तो आत्मनिर्भर भारत अभियान के साथ ही ओड़िशा के विकास को भी नई गति मिलेगी।

ग्लोबल विलेज से ग्लोबल वर्कप्लेस

पीएम मोदी ने कहा कि वर्क फ्रॉम एनीवेयर के कॉन्सेप्ट से पूरी दुनिया ग्लोबल विलेज से ग्लोबल वर्कप्लेस में बदल गई है। भारत ने भी इसके लिए हर जरूरी रिफॉर्म्स बीते कुछ महीनों में तेजी से किये हैं। स्थायी समाधान देने के नीयत का नतीजा है कि आज देश में 28 करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन हैं। 2014 से पहले देश में 14 करोड़ गैस कनेक्शन थे। हमने 6 वर्षों में 14 करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए हैं।

ह्यूमन मैनेजमेंट के साथ टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट भी जरूरी

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 तक हमारे यहां 13 आईआईएम थे, आज 20 हैं। अब दुनिया में अपॉर्च्युनिटीज हैं तो चैलेंजेज भी नए हैं। डिजिटल कनेक्टिविटी 21वीं सदी के बिजनेस को ट्रांसफॉर्म करने वाली है। भारत ने भी इसके लिए रिफॉर्म्स किए हैं। हमारी कोशिश समय के साथ नहीं, बल्कि उससे आगे चलने की की है। आज जितना ह्यूमन मैनेजमेंट जरूरी है, उतना ही टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट भी जरूरी है। कोरोना के दौरान देश ने मास्क, पीपीई किट, वेंटीलेटर का परमानेंट सॉल्यूशन निकाला।

मैनेजमेंट का मतलब बड़ी कंपनियां नहीं

पीएम मोदी ने कहा कि हम अब शॉर्ट टर्म नहीं, लॉन्ग टर्म समाधान के बारे में सोचने लगे हैं। जो गरीब कभी बैंक के दरवाजे तक नहीं जाता हो, ऐसे 40 करोड़ लोगों के खाते खोलना आसान नहीं है। मैनेजमेंट का मतलब बड़ी कंपनियां नहीं, लोगों की जरूरतें पूरी करना है। रसोई गैस एक लग्जरी बन गई थी। गरीबों को इसके लिए चक्कर लगाने पड़ते थे।

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