Wednesday , May 25 2022
देश में बढ़ते कोरोना (Coronavirus) संकट को देखते हुए सरकार हर संभव प्रयास कर रही हैं। पीएम से लेकर सीएम सभी काफी एक्टिव नज़र दिखाई दे रहे हैं।

PM Modi Meeting: पीएम मोदी ने कहा- छोटी सी चूक पड़ सकती है भारी

दिल्ली। देश में बढ़ते कोरोना (Coronavirus) संकट को देखते हुए सरकार हर संभव प्रयास कर रही हैं। पीएम से लेकर सीएम सभी काफी एक्टिव नज़र दिखाई दे रहे हैं। इसी कोरोना संकट से निपटने के लिए आज यानी मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने 21 राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में कोरोना से बचाव जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती हैं। पीएम मोदी कोरोना संकट पर मंगलवार को छठी बार वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये मुख्‍यमंत्रियों से बातचीत कर रहे हैं।

इस बैठक में पंजाब, केरल, गोवा, उत्तराखंड, झारखंड, पूर्वोत्तर राज्यों समेत कुछ केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हैं। पीएम मोदी बुधवार को भी 17 राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों से बात करेंगे।

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पीएम ने कहा :

बैठक के दौरान पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि, अनलॉक 1 को 2 सप्ताह हो रहे हैं, इस दौरान जो अनुभव आए हैं उसकी समीक्षा उसपर चर्चा आगे के लिए बहुत उपयोगी हो सकती हैं। आज इस चर्चा में मुझे भी आपसे बहुत कुछ जानने का मौका मिलेगा, जमीनी स्तर पर वास्तविकता को समझने का अवसर मिलेगा, आज की चर्चा के निकले प्वाइंट और आपके सुझाव देश को आगे की रणनीति निर्धारित करने में मदद करेंगे।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई का अध्ययन :

कोरोना के खिलाफ देश की भागीदारी की चर्चा करते हुए पीएम (PM Modi) ने कहा कि, भविष्य में जब कभी भारत की कोरोना के खिलाफ लड़ाई का अध्ययन होगा, तो ये दौर इसलिए भी याद किया जाएगा कि कैसे इस दौरान हमने साथ मिलकर काम किया, कॉपरेटिव फीडरिज्म का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि हमें इस बात का हमेशा ध्यान रखना है कि हम कोरोना को जितना रोक पाएंगे, उसका बढ़ना जितना रोक पाएंगे, उतना ही हमारी अर्थव्यवस्था खुलेगी, हमारे दफ्तर खुलेंगे, मार्केट खुलेंगे, ट्रांसपोर्ट के साधन खुलेंगे, और उतने ही रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।

 

किसानों और लोकल प्रोजेक्ट को लाभ :

पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि, किसान के उत्पाद की मार्केटिंग के क्षेत्र में हाल में जो रिफॉर्म्स किए गए हैं, उससे भी किसानों को बहुत लाभ होगा। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नए विकल्प उपलब्ध होंगे, उनकी आय बढ़ेगी और स्टोरेज के अभाव के कारण उनको जो नुकसान होता था, उसे भी हम कम कर पाएंगे।

साथ ही उन्होंने लोकल प्रोजेक्ट की चर्चा करते हुए कहा कि, लोकल प्रोडक्ट के लिए जिस क्लस्टर बेस्ड रणनीति की घोषणा की गई है, उसका भी लाभ हर राज्य को होगा। इसके लिए ज़रूरी है कि हम हर ब्लॉक, हर जिले में ऐसे प्रोडक्ट्स की पहचान करें, जिनकी प्रोसेसिंग या मार्केटिंग करके, एक बेहतर प्रोडक्ट हम देश और दुनिया के बाज़ार में उतार सकते हैं।

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