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अपनी पहली जनसभा में विपक्ष पर भड़के PM मोदी, कहा- विपक्ष के अंदर भरा है ज़हर

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आने आने वाला सप्ताह बेहद ख़ास होने वाला है। बिहार में शुक्रवार (23 अक्टूबर) से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित देश के तमाम बड़े नेता बिहार में अपनी-अपनी पार्टीयों के लिए चुनावी रैली करेंगे। शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में अपनी पहली रैली में विपक्ष को आड़े हाथों लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सासाराम में बिहार चुनाव की अपनी पहली जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘आपने इन्हें भरोसे के साथ सत्ता सौंपी थी, लेकिन उन्होंने इसे कमाई का जरिया बना लिया। जब सत्ता से बेदखल किया, तो उनके अंदर जहर भर गया। 10 साल तक यूपीए की सरकार में रहते हुए बिहार पर गुस्सा निकाला।’

उन्होंने आगे बोला, ‘ये लोग बिहार की हर योजना को लटकाने और भटकाने वाले हैं। 15 साल तक अपने शासन के दौरान इन्होंने बिहार को लूटा-खसोटा है। साथियों, बिहार के लोग कभी कन्फ्यूजन में नहीं होते। चुनाव के इतने दिन पहले ही अपना स्पष्ट संदेश दे रहे हैं। जितनी रिपोर्ट आ रही हैं, सब में यही आ रहा है कि बिहार में फिर एक बार एनडीए सरकार बनने जा रही है।’

क्या कहा पीएम मोदी ने

पीएम मोदी ने अपनी पहली जनसभा में कहा कि, कोरोना से बचने के लिए जिस तरह यहां सरकार ने काम किया, उसके नतीजे आज दिख रहे हैं। दुनिया के अमीर देशों की हालत किसी से छिपी नहीं है। अगर बिहार में तेजी से काम नहीं हुआ होता तो महामारी हमारे कितने लोगों की जान ले लेती। कितना हाहाकार मचता, इसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता। लेकिन, बिहार सारी सावधानियों का पालन करते हुए लोकतंत्र का पर्व मना रहा है।चुनाव में कुछ लोग भ्रम फैलाने के लिए एक-दो चेहरों को बड़ा दिखाने लग जाते हैं। कुछ लोगों के उभरने की बातें फैलाई जाती हैं, लेकिन इससे वोटिंग पर फर्क नहीं पड़ता। बिहार के लोगों ने मन बना लिया है कि जिनका इतिहास बिहार को बीमार को बीमारू बनाने का है, उन्हें आसपास भी फटकने नहीं देंगे।’

कोरोनाकाल के दौरान करोड़ों गरीब तक पहुंचाई गई मदद

उन्होंने आगे कहा, कोरोना के दौरान करोड़ों गरीब बहनों के खाते में करोड़ों की मदद भेजी, कई गैस कनेक्शन दिए गए। देश जहां संकट का समाधान करते हुए आगे बढ़ रहा है, ये लोग हर संकल्प के सामने रोड़ा बनकर खड़े हैं। देश को बिचौलियों-दलालों से मुक्त कराने का फैसला लिया, ये लोग उन्हीं के पक्ष में खड़े हैं। किसान तो बहाना है, उनके लिए तो बिचौलियों-दलालों को बचाना है।

राफेल के लिए भी ये लोग बिचौलिए-दलाल की भाषा बोल रहे थे। इनके लिए देशहित नहीं, दलालों का हित ज्यादा महत्वपूर्ण है। जब बिचौलियों-दलालों पर चोट होती है, तब-तब ये लोग बौखला जाते हैं। ये लोग देश को कमजोर कर रहे लोगों का साथ देने से भी चूकते। ये लोग कह रहे हैं कि सत्ता में आए तो आर्टिकल 370 फिर लागू कर देंगे। इतना सब कहकर ये बिहार के लोगों से वोट मांगने की हिम्मत कर रहे हैं। क्या के बिहार के लोगों का अपमान नहीं है। ये लोग जिसकी चाहे मदद ले लें, देश अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगा।’

नीतीश ने पहले ही भांप लिया इनका खेल

‘तब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री हुआ करता था। नीतीश कहते थे कि दिल्ली को बिहार का अखाड़ा मत बनाइए। उनके साथ मिलकर नीतीशजी ने सरकार बनाई। सब जानते हैं कि उन 18 महीनों में क्या हुआ? नीतीश इस खेल को भांप गए कि बिहार 15 साल पीछे चला जाएगा। बिहार के विकास के लिए हम फिर नीतीशजी के साथ आए। मुझे अभी नीतीशजी के साथ काम करते हुए 4-5 साल ही हुआ है।

आज बिहार के हर गांव तक सड़क पहुंच रही है। बिहार की नदियों पर आधुनिक पुल बन रहे हैं। सोन नदी पर कितने पुल कागजों पर बन रहे थे। अब यहां फोरलेन पुल बनाया जा रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों-पुलों पर काम चल रहे हैं। रेलवे स्टेशनों का सौंदर्यीकरण जारी है। कनेक्टिविटी सुधारने के लाभ यहां के लोगों को मिलेगा। आत्मनिर्भरता के संकल्प को मजबूत करने के लिए नीतीशजी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार जरूरी है। मुझे खुशी है कि बूथ लेवल पर सभी कार्यकर्ता मजबूती से जुटे हुए हैं। आप सभी समय निकालकर हमें आशीर्वाद देने आए, इसका धन्यवाद।’

 

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