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27 शहरों में 1000 किमी से अधिक नए मेट्रो नेटवर्क पर हो रहा काम : मोदी
27 शहरों में 1000 किमी से अधिक नए मेट्रो नेटवर्क पर हो रहा काम : मोदी

27 शहरों में 1000 किमी से अधिक नए मेट्रो नेटवर्क पर हो रहा काम : मोदी

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि बीते छह वर्ष में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से पता चलता है कि वर्तमान सरकार किस गति से विकास की योजनाओं को अमली जामा पहना रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश के 27 शहरों में 1000 किलोमीटर से ज्यादा के मेट्रो नेटवर्क पर काम चल रहा है जबकि 2014 के पहले के 10 वर्षों में सिर्फ 225 किलोमीटर मेट्रो लाइन ही चालू हो सकी थी।

प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित एक कार्यक्रम में भूमि पूजन कर अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण और सूरत मेट्रो रेल परियोजना की आधारशिला रखने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी शामिल हुए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब देश में मेट्रो परियाजनाओं को लेकर न कोई आधुनिक सोच थी और ना ही कोई नीति। इसका परिणाम ये हुआ कि हर शहर में अलग ही प्रकार की मेट्रो थी।

उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों की जो एप्रोच थी और हमारी सरकार कैसे काम कर रही है इसका बेहतरीन उदाहरण मेट्रो नेटवर्क है। इसके विस्तार से पता चलता है क्या फर्क आया है। वर्ष 2014 से पहले के 10-12 वर्षों में सिर्फ 225 किमी मेट्रो लाइन ऑपरेशनल हुई थी। वहीं बीते 6 वर्षों में 450 किमी से ज्यादा मेट्रो नेटवर्क चालू हो चुका है और इस समय देश के 27 शहरों में 1000 किमी से ज्यादा के नए मेट्रो नेटवर्क पर काम चल रहा है।

अहमदाबाद और सूरत को गुजरात और भारत की आत्मनिर्भरता को सशक्त करने वाले शहर करार देते हुए मोदी ने कहा कि देश नए आधारभूत संरचना के निर्माण को लेकर लगातार तेज गति से अपने कदम आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि बीते कुछ ही दिनों में देश भर में हजारों करोड़ रुपए की अवसंरचना परियोजनाओं का या तो लोकार्पण किया गया है या फिर नयी परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ है।

उन्होंने कहा कि आज हम शहरों के परिवहन को एक टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के तौर पर विकसित कर रहे हैं। यानी बस, मेट्रो, रेल सब अपने अपने हिसाब से नहीं दौड़ें, बल्कि एक सामूहिक व्यवस्था के तौर पर काम करें, एक दूसरे के पूरक बनें। केंद्र सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत आत्मविश्वास के साथ फैसले ले रहा है और उन पर तेजी से अमल भी कर रहा है।

इन परियोजनाओं पर कुल लागत 5384.17 करोड़ रुपये की आएगी। कुल 40.35 किलोमीटर लंबाई के दो मेट्रो रेल गलियारों वाली सूरत मेट्रो रेल परियोजना की अनुमानित लागत 12020.32 करोड़ रुपए है। सरथना से ड्रीम सिटी तक पहले गलियारे की कुल लंबाई 21.61 किलोमीटर है, जिसमें से 6.47 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत है और 15.14 किलोमीटर हिस्सा जमीन के ऊपर है। यह गलियारा 20 स्‍टेशनों – सरथना, नेचर पार्क, कपोदरा, लाभेश्‍वर चौक एरिया, सेंट्रल वेयर हाउस, सूरत रेलवे स्‍टेशन, मस्‍कटी हॉस्पिटल, गांधी बाग, मजूर गेट, रूपाली कनाल, ड्रीम सिटी को जोड़ेगा।

दूसरा गलियारा भेसन से सरोली लाइन का है जो 18.74 किलोमीटर लंबा है। यह पूरी तरह जमीन से ऊपर (एलिवेटिड) है। यह 18 मेट्रो स्‍टेशनों – भेसन, उगाट, वारिग्रह, पालनपुर रोड, एलपी सावनी स्‍कूल, अडाजन गाम, एक्‍वेरियम, मजूर गेट, कामेला दरवाजा, मगोब और सरोली को जोड़ेगा।

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