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घटना पर तेज हुई राजनीति, सिसोदिया ने भाजपा को घेरा

हिमाचल प्रदेश में इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। लेकिन उससे पहले लगातार हिमाचल की राजनीति गर्म है। इन सबके बीच हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मुख्य गेट पर खालिस्तान समर्थक झंडे देखने के बाद से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की ओर से प्रशासन को इस बात की जानकारी दी गई। प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने फौरन विधानसभा गेट से खालिस्तानी झंडे हटवा दिए। दीवारों पर भी खालिस्तान लिख दिया गया था जिसे पुलिस की टीम ने ही सुबह सवेरे मिटा दिया है। घटना सामने आने के बाद ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का भी बयान सामने आ गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सौहार्दपूर्ण राज्य है और यहां शांति कायम रहनी चाहिए। धर्मशाला में हुई घटना के दोषी जहां भी होंगे उन्हें शीघ्र पकड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि उन लोगों का यह कायरतापूर्ण दौर अब अधिक नहीं चलेगा। निश्चित तौर पर इस घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ठाकुर ने कहा कि धर्मशाला विधानसभा परिसर के गेट पर रात के अंधेरे में खालिस्तान के झंडे लगाने वाली कायरतापूर्ण घटना की मैं निंदा करता हूं।  इस विधानसभा में केवल शीतकालीन सत्र ही होता है इसलिए यहां अधिक सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता उसी दौरान रहती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मैं उन लोगों को कहना चाहूंगा कि यदि हिम्मत है तो रात के अंधेरे में नहीं, दिन के उजाले में सामने आएं। धर्मशाला SDM शिल्पी बेक्टा ने बताया कि हमें हिमाचल विधानसभा की दीवारों के विरूपण होने की सूचना मिली थी। यहां पुलिस अधिकारी पहले ही मौजूद थे। मामले में प्राथमिकी जांच शुरू कर दी गई है। हम हिमाचल सार्वजनिक संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत मामला दर्ज़ करेंगे। हम जांच पूरी होने तक कुछ नहीं कह सकते। 

हालांकि इस घटना के बाद से अब राजनीतिक बवाल भी शुरू हो गया है। इस पर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरी भाजपा एक गुंडे को बचाने में लगी है और उधर ख़ालिस्तानी झंडे लगाकर चले गए। जो सरकार विधान सभा ना बचा पाए, वो जनता को कैसे बचाएगी। ये हिमाचल की आबरू का मामला है, देश की सुरक्षा का मामला है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार पूरी तरह फेल हो गयी। वहीं कुमार विश्वास ने भी इस घटना को लेकर एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि देश मेरी चेतावनी को याद रखे। पंजाब के वक़्त कहा था, उसकी अब इस दूसरे प्रदेश पर नज़र है। मैंने पहले भी चेताया था, फिर कह रहा हूँ।