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Prayagraj: काला घोड़ा शूटआउट से चर्चित माफिया के बेनामी संपत्ति पर चला बुलडोजर

प्रयागराज: काला घोड़ा शूटआउट के नाम से कुख्यात माफिया राजेश यादव की कई बेनामी संपत्ति है, जिसके बारे में पुलिस अभी पता लगा रही है. झूंसी पुलिस राजेश के अवैध मकान, आवासीय भूखंड और खेतों को भी चिंहित कर रही है, ताकि उन्हें भी गैंगस्टर एक्ट के तहत आसक्ति किया जा सके. राजेश यादव का एक मकान प्रयागराज विकास प्राधिकरण और पुलिस ढहा चुकी है. अधिकारियों का कहना है कि कुछ और अचल संपत्ति के बारे में जानकारी मिली है, जिसकी छानबीन राजस्व विभाग की मदद से की जा रही है. जैसी ही उन सम्पत्तियो का पता लगेगा उन्हें भी ढहा दिया जायेगा.

पुलिस रिकार्ड में झूंसी थाना क्षेत्र के नैका मही गांव निवासी राजेश यादव उर्फ मामा के खिलाफ कर्नलगंज, धूमनगंज, कैंट, सिविल लाइंस, शिवकुटी, जार्जटाउन, नैनी और झूंसी थाने में 26 मुकदमे दर्ज हैं. इसमें हत्या का प्रयास, जानलेवा हमला, गैंगस्टर समेत कई मुकदमे हैं. पुलिस अधिकारियों का दावा है कि राजेश यादव भी दूसरे माफिया की तरह अवैध तरीके से प्रापर्टी डीलिंग करता है.

रंगदारी मांगना उसका मुख्य पेशा

वकीलों की हत्या की गई थी, जो काला घोड़ा शूटआउट के नाम से चर्चित हुआ. उस हत्याकांड में मुंबई क्राइम ब्रांच राजेश यादव को पकड़ा था. तब पता चला था कि राजेश ने छोटा राजन गिरोह के लिए काम करता है और उस वारदात में शामिल था. इस घटना के बाद ही राजेश चर्चित हो गया. फिर प्रयागराज और आसपास के जिलों में उसने अपराध शुरू कर दिया. रंगदारी मांगना उसका मुख्य पेशा बन गया.

एसपी गंगापार

एसपी गंगापार धवल जायसवाल का कहना है कि जितने भी गैंगस्टर हैं, उनकी अचल संपत्ति के बारे में छानबीन की जा रही है. उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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