Friday , October 7 2022
प्रियंका गांधी का यूपी दौरा, निकाय चुनाव व लोकसभा चुनाव पर बनेगी रणनीति
प्रियंका गांधी का यूपी दौरा, निकाय चुनाव व लोकसभा चुनाव पर बनेगी रणनीति

प्रियंका गांधी का यूपी दौरा, निकाय चुनाव व लोकसभा चुनाव पर बनेगी रणनीति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश मे कांग्रेस सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में महज दो सीटों पर सिमटी कांग्रेस इस बार यूपी से किसी को राज्यसभा नहीं भेज सकती है। लिहाजा यूपी के तीन वरिष्ठ नेताओं को दूसरे राज्यों से राज्यसभा भेजा जा रहा है। जुलाई महीने में विधान परिषद में भी पार्टी शून्य हो जाएगी। लिहाजा पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य मुख्यालय पर 1 और 2 जून को ‘नव संकल्प शिविर’ आयोजित करने जा रही है।
कांग्रेस का उत्तर-प्रदेश में संगठन पूरी तरीके से खत्म हो गया है। विधानसभा चुनाव के बाद से अभी तक पार्टी ने अभी तक अध्यक्ष तय नहीं कर पाई है। अब लखनऊ में पार्टी ‘नव संकल्प शिविर’ में दो दिनों तक मंथन करने जा रही है। इस शिविर में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दरमियान खड़ी की गई नई टीम में बदलाव पर मंथन होगा।
लखनऊ में दो दिन के मंथन में नई टीम पर चर्चा होगी। कहा जा रहा है कि प्रियंका गांधी एक बार फिर एक नई टीम बनाकर 2024 में मैदान में उतरेंगी। सभी कमेटियों में नए और पुराने कार्यकर्ताओं व पदाधिकारी इस अनुपात में 65:35 रखे जा सकते हैं। इसी तरह 40 से 55 साल के पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी।
उत्तर प्रदेश के संसदीय इतिहास में 6 जुलाई का दिन कांग्रेस पार्टी के लिए काला दिन साबित होने वाला है। दरअसल 113 साल के संसदीय इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब उत्तर प्रदेश विधान परिषद से कांग्रेस का प्रतिनिधित्व शून्य हो जाएगा। उत्तर प्रदेश विधानसभा परिषद से कांग्रेस पार्टी को पूरी तरह से सफाया हो जाएगा।
6 जुलाई को उत्तर प्रदेश विधानसभा परिषद में कांग्रेस पार्टी के एकमात्र सदस्य दीपक सिंह का कार्यकाल खत्म हो रहा है। कांग्रेस के प्रमुख नेता रहे मोतीलाल नेहरू से लेकर अभी कोई तक कोई न कोई सदस्य यूपी विधानसभा परिषद का सदस्य जरूर रहा है, लेकिन ऐसा 113 साल में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब इस सदन में कांग्रेस का एक भी सदस्य नहीं होगा।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं को दूसरे राज्यों से राज्यसभा भेजा जा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला को छत्तीसगढ़ से, महाराष्ट्र से शायर इमरान प्रतापगढ़ी और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी को राजस्थान से कांग्रेस का उम्मीदवार घोषित किया गया है। कांग्रेस यूपी से राज्यसभा किसी को भी नही भेज सकती, लिहाजा दूसरे प्रदेश से यूपी के नेताओं को भेज कर यूपी में अपने अस्तित्व को बचाए रखना चाहती है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को फिर से खड़ा करने के लिए कांग्रेस अब यूपी पर फोकस करने वाली है। यूपी के तीन कांग्रेस के बड़े नेताओं को दूसरे राज्यों से राज्यसभा भेजने के बहाने कांग्रेस उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण और मुस्लिमों में अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है। राज्यसभा जाने वाले तीन नामों में से दो यूपी में ब्राह्मण चेहरे के तौर पर जाने जाते है। तीसरा नाम इमरान प्रतापगढ़ी, प्रियंका गांधी के करीबी बताए जाते है और मुस्लिम समाज से आते है।
दो ब्राह्मण प्रमोद तिवारी और राजीव शुक्ला के साथ इमरान प्रतापगढ़ी को राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाने से स्पष्ट संकेत हैं कि कांग्रेस इस रास्ते अपने पुराने ब्राह्मण-मुस्लिम वोटबैंक की ओर कदम बढ़ाना चाहती है।