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वायुसेना में औपचारिक तौर राफेल हुआ शामिल,एयर-शो में दिखा विमान का जादू

अम्बाला: फ्रांस से खरीदे गए 5 आधुनिक फाइटर जेट राफेल को भारत आने के 43 दिन बाद आज (10सितंबर)  औपचारिक तौर पर वायुसेना में शामिल कर लिए गए। इससे पहले अंबाला एयर बेस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की डिफेंस मिनिस्टर फ्लोरेंस पार्ले की मौजूदगी में सर्वधर्म यानी हिंदू, मुस्लिम, सिख और इसाई धर्म के अनुसार पूजा की गई। उसके बाद एयर-शो हुआ, जिसमें फाइटर प्लेन ने आसमान में ताकत दिखाई। फिर लैंडिंग के बाद वॉटर कैनन सैल्यूट दिया गया।

सर्वधर्म पूजा के बाद हुआ एयर-शो

फाइटर जेट राफेल की अम्बाला स्थित 17 गोल्डन एरो स्क्वॉड्रन में औपचारिक एंट्री इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। 17 साल बाद देश का कोई रक्षा मंत्री अम्बाला एयरफोर्स स्टेशन पर किसी बड़े समारोह में शामिल हुआ है। आपको बता दें कि इससे पहले अगस्त 2003 में एनडीए सरकार में रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस ने 73 की उम्र में अम्बाला से मिग-21 बाइसन में उड़ान भरी थी। राफेल की सर्वधर्म पूजा के बाद एक एयर-शो भी हुआ आसमान में राफेल की कलाबाजियां ने समारोह आये दर्शकों का मन मोह लिया।

फ्रांस से राफेल डील और भारत में डिलीवरी

भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब साल 2016 में फ्रांस दौरे पर गए थे तब उन्होंने फ्रांस के साथ 58 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल जेट की डील की थी। इनमें से 30 फाइटर जेट्स होंगे और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट होंगे। ट्रेनर जेट्स टू सीटर होंगे और इनमें भी फाइटर जेट्स जैसे सभी फीचर होंगे। भारत को जुलाई के आखिर में 5 राफेल फाइटर जेट्स का पहला बैच मिला। 27 जुलाई को 7 भारतीय पायलट्स ने राफेल लेकर फ्रांस से उड़ान भरी थी और 7,000 किमी का सफर तय कर 29 जुलाई को भारत पहुंचे थे। पिछले साल दशहरे पर 8 अक्टूबर को राफेल जब भारत को सौंपे गए थे, तब फ्रांस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिंदू रीति रिवाज से शस्त्र पूजा करते हुए राफेल पर ‘ओम’ बनाकर नारियल चढ़ाया और धागा बांधा था। उनकी इस पूजा पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए थे।

जेट विमान राफेल की खूबियाँ

1. राफेल ट्विन इंजन, डेल्टा-विंग, सेमी स्टील्थ कैपेबिलिटीज के साथ चौथी जेनरेशन का सबसे फुर्तीला विमान है। इससे परमाणु हमला भी किया जा सकता है।

2. इसमें 12. राउंड के साथ 30 एमएम की कैनन जैसे आधुनिक हथियार भी हैं। ये एक बार में साढ़े 9 हजार किलो सामान ले जा सकता है।

3. खतरे की स्थिति में इसमें लगा रडार वॉर्निंग रिसीवर, लेजर वॉर्निंग और मिसाइल एप्रोच वॉर्निंग सिस्टम अलर्ट हो जाता है और रडार को जाम करने से   बचाता है। राफेल का रडार सिस्टम 100 किमी के दायरे में भी टारगेट को डिटेक्ट कर लेता है।

4. इसमें हवा से हवा में मारने वाली मैजिक-II, एमबीडीए मीका आईआर या ईएम और एमबीडीए मीटियर जैसी मिसाइलें हैं। ये हवा में 150 किमी तक के टारगेट को निशाना बना सकती हैं।

5. हवा से जमीन में मारने की भी ताकत है। इस फाइटर जेट के आने से भारत की ताकत हिंद महासागर में भी बढे़गी।

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