संयुक्त किसान मोर्चा का 18 को रेल रोको आंदोलन, लखनऊ में महापंचायत

लखीमपुर खीरी केस

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नई दिल्ली। लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में किसानों की मौत का मामला गरमाता जा रहा है। किसान संगठनों के नेताओं ने लखीमपुर खीरी मामले में आगे की रणनीति को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा और उनके बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही अजय मिश्रा को कैबिनेट से हटाने की भी मांग की। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि 12 अक्टूबर को देशभर के किसान लखीमपुर खीरी पहुंचेंगे। इसके साथ ही किसान लखनऊ में महापंचायत भी करेंगे।

लखीमपुर खीरी की घटना पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 15 अक्टूबर को पुतला दहन होगा। 18 अक्टूबर को 6 घंटे ट्रेन रोकी जाएगी। 26 अक्टूबर को बैठक होगी और पूरे देश में उनकी कलश यात्राएं निकलेंगी। योगेंद्र यादव ने कहा कि पहला कार्यक्रम के तहत 12 को अक्टूबर को किसानों और पत्रकार, जो शहीद हुए हैं उनके लिए हम लखीमपुर के तिकोनिया में अंतिम अरदास करेंगे। देशभर के किसान 12 तारीख को लखीमपुर पहुंचेगे। लखीमपुर की घटना जलियांवाला बाग से कम नहीं है। हमारा देश के सभी नागरिक संगठनों से अनुरोध है कि वो अपने शहरों में कैंडल मार्च निकालें। हम पूरे देश के नागरिकों से अपील करते हैं कि शाम 8 बजे अपने घरों पर मोमबत्ती जलाएं।

किसान नेता डॉक्टर दर्शन पाल ने शनिवार को कहा कि इस घटना में किसान शहीद हुए हैं और किसान मोर्चा अंत तक लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने गृह राज्य मंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने (अजय मिश्रा) आतंक का माहौल बनाने की कोशिश की। लखीमपुर में पंजाबी किसानों को खतरा है। वहीं किसान नेता जोगिंदर उग्राहां ने कहा कि हमारा आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण चल रहा है. हमें खालिस्तानी कहा गया। आतंकवादी कहा गया, लेकिन 3 महीने से बीजेपी सरकार हिंसा पर उतर आई है।

झूठ के तीन सबसे बड़े प्रतीक :
लखीमपुर खीरी की घटना पर संयुक्त किसान मोर्चा की प्रेसवार्ता में योगेंद्र यादव बोले कि इस समय देश में झूठ के तीन सबसे बड़े प्रतीक हैं- पीएम मोदी, अमित शाह और योगी- खट्टर जो आप रखो, इस बार दशहरा पर इन तीनों का पुतला दहन करो।

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