Thursday , October 6 2022

उदयातिथि में रक्षाबंधन 12 को मनाया जाएगा

सावन पूर्णिमा गुरुवार सुबह 9.35 बजे से शुरू हो रही है। हालांकि भद्रा काल रहने के चलते ज्यादातर लोग राखी का त्योहार शुक्रवार यानी 12 अगस्त को मनाएंगे। मिथिला और बनारस पंचांग के जानकार रक्षाबंधन उदयातिथि 12 अगस्त शुक्रवार को ही मनाने को लेकर एकमत हैं।

बनारस पंचांग के जानकार ज्योतिषाचार्य पीके युग कहते हैं कि 11 अगस्त को भद्रा लगने के कारण 12 अगस्त को उदयातिथि में रक्षाबंधन का त्योहार मनाना श्रेयस्कर होगा। आचार्य माधवानंद (माधव जी) कहते हैं कि मिथिला पंचांग के अनुसार गुरुवार 11 अगस्त सुबह 9.42 बजे से पूर्णिमा चढ़ने के साथ ही भद्रा शुरू हो रहा है, जो रात 8.25 बजे समाप्त होगा। भद्रा काल में रक्षा सूत्र नहीं बांधा जा सकता है। इसलिए उदयातिथि में राखी बांधना ज्यादा शुभ है। ज्योतिषी संतोषाचार्य कहते हैं कि सूर्य जब कर्क राशि में होते हैं तो भद्रा का पृथ्वी पर विशेष प्रभाव पड़ता है। इसलिए भद्रा में शुभ कार्य वर्जित है।बहनें दोपहर तक बांधेंगी राखी: रक्षाबंधन का सबसे बढ़िया मुहूर्त 12 अगस्त को सूर्योदय से लेकर सुबह 7.24 बजे तक है। ऐसे 10.16 बजे तक राखी का बढ़िया मुहूर्त हैं। इसके बाद 11.54 बजे से दोपहर 1.32 बजे दोपहर तक राखी बंधवाना ज्यादा शुभ है। पंडित राकेश झा निर्णय सिंधु ग्रंथ का हवाला देते हुए कहते हैं कि यदि दिन में शुभता मिल रही हो तो रात के शुभ मुहूर्त का उपयोग नहीं करना चाहिए। शुक्रवार 12 अगस्त को सूर्योदय के बाद शुभता मिल रही है। देवता को चढ़ाएं रक्षासूत्र, दिन में बांधे राखी: ज्योतिषी पंडित प्रेमसागर कहते हैं कि रक्षाबंधन के लिए राखियों को पहले देवता को चढ़ाना चाहिए। राखी के शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए बहनों को 12 अगस्त को शुभ मुहूर्त में रक्षासूत्र को देवता पर चढ़ा देना चाहिए।