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राशन कार्ड : चुनाव से पहले पात्र और चुनाव के बाद अपात्र?
राशन कार्ड : चुनाव से पहले पात्र और चुनाव के बाद अपात्र?

राशन कार्ड : चुनाव से पहले पात्र और चुनाव के बाद अपात्र?

लखनऊ। पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी पिछले काफी समय से अपनी ही पार्टी के खिलाफ हमलावर है। किसानों का मुद्दा हो, या फिर महंगाई का मुद्दा। वरुण गांधी अपनी ही पार्टी को लगातार कठघरे में खड़ा करते आ रहे है। राशन कार्ड का जिक्र करते हुए एक बार फिर वरुण गांधी ने अपनी ही पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। वरुण ने कहा, चुनाव से पहले पात्र और चुनाव के बाद अपात्र?।
दरअसल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में राज्य सरकारों की तरफ से अपात्र लोगों से लगातार राशन कार्ड सरेंडर करने के लिए कहा जा रहा है। जिसके बाद पीलीभीत से सांसद वरुण गांधी ने शनिवार 21 मई को अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है। वरुण गांधी ने लिखा, चुनाव से पहले पात्र और चुनाव के बाद अपात्र? जनसामान्य के जीवन को प्रभावित करने वाले सभी मानक अगर ‘चुनाव’ देख कर तय किए जाएंगे तो सरकारें अपनी विश्वसनीयता खो बैठेंगी। चुनाव खत्म होते ही राशनकार्ड खोने वाले करोड़ों देशवासियों की याद सरकार को अब कब आएगी? शायद अगले चुनावों में..!
प्रदेश की योगी सरकार ने अवैध रूप से पात्र बनकर सरकारी राशन लेने वालों को सरेंडर करने की चेतावनी दी थी, जो 20 मई को खत्म हो गई है। सरकार ने उन लोगों को अंत्योदय कार्ड और राशन कार्ड सरेंडर करने के लिए कहा था, जो अपात्र होते हुए भी पिछले कई सालों से राशन ले रहे थे। अगर कोई अपात्र व्‍यक्‍त‍ि या परिवार राशन कार्ड सरेंडर नहीं करता है तो सरकार ने जांच के बाद उसके ऊपर कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। आदेश के मुताबिक, जब से वह व्यक्ति राशन ले रहा है, तब से उससे राशन की वसूली भी की जाएगी।
अगर कोई परिवार आयकर दाता है, किसी के पास चार पहिया वाहन, खेती किसानी के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला हार्वेस्टर, एयरकंडीशन, 05 किलोवाट या अधिक का जनरेटर सेट, परिवार में किसी के नाम 05 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि, परिवार में एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस, सरकारी लाभ जैसे पेशनभोगी, संविदा की नौकरी ऐसे व्यक्ति सरकारी राशन लेने के लिए अपात्र हैं।