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किसानों के समर्थन में एकजुट विपक्ष से कैसे निपटेगी सरकार, जानिए क्या है रणनीति

नई दिल्ली : कृषि कानून के विरोध में किसानों ने आज देशभर में भारत बंद का ऐलान किया है. वहीँ किसानों के विरोध को विपक्ष का भी समर्थन मिल रहा है. जिसमें कांग्रेस और आप समेत कई दल शामिल है. इस बीच वरिष्‍ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक इंटरव्यू के दौरान विपक्ष की रणनीतियों को सबके सामने रखा. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि किसानों की जमीन न बेची जाएगी, न पट्टा होगी और न बंधक होगी.

विरोध के लिए विरोध ठीक नहीं

उन्होंने कहा यह बात केवल किसान आंदोलन की बात नहीं है. चाहे शाहीन बाग हो या कोई अन्य सुधार हो, कोई भी विषय हो ये सरकार के विरोध में खड़े हो जाते हैं. रविशंकर ने कहा कि विरोध के लिए विरोध ठीक नहीं है. उन्‍होंने कांग्रेस (Congress) और राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सहित विपक्ष पर इस मामले में शर्मनाक अंदाज में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘आज जो हमारी सरकार ने किया, यूपीए के दस साल में ये लोग यही कर रहे थे. अपने राज्यों में कर रहे थे. मैं डॉक्यूमेंट्स दिखाकर यह साबित कर सकता हूं. कांग्रेस ने वर्ष 2019 के अपने लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र के पेज नंबर 17 के प्‍वाइंट 11 में कहा था कि कांग्रेस APMC को हटाएगी और इंटर स्‍टेट व्‍यापार को फ्री करने का काम करेगी.

विपक्षी पार्टियां किसानों को भ्रमित कर रही हैं

रविशंकर प्रसाद के अनुसार, 2013 में राहुल गांधी ने सारे सीएम की बैठक बुलाई थी, उसमें कहा था कि किसान अपनी फसल सीधे कांग्रेस शासित राज्‍यों में बेच सकते हैं. रविशंकर ने कहा कि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार (Sharad Pawar) भी विरोध कर रहे हैं. लेकिन जब वे कृषि मंत्री थे तो उन्‍होंने सारे सीएम को चिट्ठी लिखी थी. इसमें लिखा है कि कृषि क्षेत्र में वृद्धि के लिए बड़े पैमाने पर निवेश चाहिए. इसके लिए निजी निवेश जरूरी है. इसमें मंडी कानून में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया गया था. प्रसाद के अनुसार, शरद पवार ने शेखर गुप्ता को इंटरव्यू दिय़ा था, इसमें भी कहा था कि APMC एक्‍ट छह महीने में खत्म हो जाएगा.

उन्‍होंने कहा कि 8 मार्च  2019 को पंजाब के सीएम ने पेप्सी का एक प्लांट का उद्घाटन किया. विपक्षी पार्टियां किसानों को भ्रमित कर रही हैं. इनका पूरा चेहरा शर्मनका दोहरे मापदंड का है. जो काम आप सही मानते थे. लेकिन कर नहीं सके, हम उसे आगे बढ़ा रहे हैं.

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