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गाजियाबाद की घटना हादसा नहीं हत्या है  : संजय सिंह

लखनऊ। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद और प्रदेश प्रभारी संजय सिंह लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि  गाजियाबाद के श्मशान में लोग दुख और पीड़ा के साथ अपने किसी स्वजन को छोड़ने के लिए गए थे, मगर वहां पर उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार के दलाली खाने के कारण बहुत ही दुखद घटना घट गई। आदित्यनाथ सरकार के श्मशान में दलाली खाने की वजह से अब तक 25 लोगों की जान जा चुकी है क्योंकि कुछ दिनों पहले वहां लगा लेंटर लोगों पर अकस्मात गिर गया। यह हादसा योगी सरकार के भ्रष्टता का प्रतीक है, वह गिरा हुआ लेंटर श्मशान में दलाली का प्रतीक है।

गाजियाबाद की घटना हादसा नहीं हत्या है

संजय सिंह ने कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि इस सरकार में लेन-देन और भ्रष्टाचार के जरिए टेंडर दिया जाता है, ऐसी ही हेराफेरी के द्वारा गाजियाबाद के श्मशान में लेंटर पड़ा था, जिसके निर्माण में  घटिया सामान इस्तेमाल हुआ और आम आदमी एक बड़े हादसे का शिकार हो गए। हत्या गोली से भी होती है, बंदूक से भी होती है, तलवार से भी होती है और हत्या भ्रष्टाचार के कारण भी होती है। गाजियाबाद में जो हुआ वह हादसा नहीं हत्या है जो श्मशान में भ्रष्टाचार और दलाली खाने से हुईं है। इस घटना के जिम्मेदार चाहे नेता हों, अधिकारी हों, चाहे नगरपालिका के लोग हों या शासन में बैठे हुए अधिकारी, सभी के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज़ होना चाहिए और पीड़ित परिवारों को एक करोड़ का मुआवजा मिलना चाहिए।

सीबीआई करेगी जांच या एसआईटी बनाएंगे?

संजय सिंह ने कहा कि वैसे तो यह सरकार बुलडोजर लेकर निकल पड़ती है, जांच करने लगती है, एनकाउंटर करने लगती है लेकिन आज खुद के भ्रष्टाचार के कारण जब 25 लोगों की जान चली गई तो इनकी जांच कौन करेगा? सरकार से सवाल है कि क्या इसकी जांच सीबीआई से करवाएंगें या दिखावे के लिए एक एसआईटी बनाएंगे? उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है। अभी तक 50 से ज्यादा किसान शहीद हो चुके हैं मगर भाजपा की सरकार लाशें गिनने में लगी हुई है कि कितने पंजाब के, कितने हरियाणा के, कितने उत्तराखंड के और कितने यूपी के किसान मरे।

जनरल डायरों को पहचानिए

संजय सिंह ने कहा कि इस सरकार को किसान की पीड़ा से कोई लेना देना नहीं है,उनकी शहादत की इन्हें परवाह नहीं है।  सरकार किसानों को आतंकवादी कहती है खालिस्तानी कहती है, उनका बार-बार अपमान करती हैं और कल जो बर्बरता किसानों के साथ हुई अगर वह आप देखेंगे तो आपकी आंखों से खून निकल आएगा। हरियाणा की खट्टर सरकार, राजस्थान से आने वाले किसानों के साथ ऐसे लड़ रही है जैसे युद्ध लड़ रही हो। मेरी जनता से अपील है कि ऐसे जनरल डायरों को पहचानिए, ये जनरल डायर ही हैं जो उन लोगों के साथ युद्ध कर रहे हैं जो लोगों का पेट भरते हैं।

कुत्ते से की तुलना

संजय सिंह ने कहा कि कुत्ते भी जिनका खाते हैं उनसे वफादारी रखते हैं लेकिन ये लोग तो उनसे भी गए गुजरे हो चुके हैं। सत्ता में बैठे इन जनरल डायरों का चेहरा पहचान लीजिए और वक्त आने पर इनका जवाब दीजिएगा। आज किसानों की जो वार्ता भारत सरकार से चल रही है मैं मानता हूँ  कि वह सार्थक नतीजे वाली अंतिम वार्ता हो, इसके बाद तीनों काला कानून को वापस ले लिया जाए। आज पूरे देश का किसान आंदोलित है, करोड़ों किसान आप से फरियाद कर रहे हैं, कृपा करके किसानों की बात मानिए, काले कानून वापस लीजिए और अडानी की गुलामी बंद कीजिए। यह सरकार अडानी की गुलाम है और उसके लिए ही काम कर रही है, जब अडानी इस सरकार से कहता है, घुटने पर खड़े हो जाओ तब यह सरकार घुटने पर खड़े हो जाती है, जब कहा जाता है कि अपनी नाक रगड़ो तब यह सरकार अपनी नाक रगड़ती है।

आप का कार्यकर्ता किसानों के साथ खड़ा

संजय सिंह ने कहा कि सरकार पिछले महीने प्रचार कर रही थी कि 9 करोड़ किसानों को 18000 करोड़ रुपए दे दिए मेरा सरकार से यही कहना है कि गुजरात के दो भाइयों नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को 20 हजार करोड़ दे दिया उसका भी कभी प्रचार कर दो। यह बात हर एक हिंदुस्तानी को समझनी पड़ेगी कि यह जनता की सरकार नहीं है, यह सरकार आपसे केवल वोट लेती है लेकिन काम अपने मालिकों के लिए करती है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आह्वान पर आम आदमी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता संसद से लेकर सड़क तक किसानों के साथ खड़ा है।

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