संजय सिंह बोले- 30-40 फीसदी अधिक दाम पर काम कराया गया

आप सांसद संजय सिंह ने जल जीवन मिशन में लगाए घोटाले के आरोप

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लखनऊ। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने गुरुवार को लखनऊ स्थित प्रदेश पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब मैंने जल जीवन मिशन में हजारों करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का खुलासा किया था तो उस वक्त मैंने कहा था कि ये एनआरएचएम से बड़ा घोटाला है और मैंने ये भी कहा था कि इस घोटाले में परत दर परत तमाम सच्चाईयां सामने आएंगी। मैंने ये भी कहा था कि 30 फीसदी से 40 फीसदी अधिक दामों पर काम कराया गया है और मेरे आरोपों की पुष्टि निर्दोष कुमार जौहरी और आकाश जैन जैसे अधिशासी अभियंताओं ने भी की थी। आपको याद होगा मंत्री जी ने दलीलें देते हुआ कहा था, हमने थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की व्यवस्था कर रखी है, हमने उच्च कोटि की कंपनियों को लगा रखा है, हमने जल निगम को इसलिए किनारे किया कि जल निगम अच्छा काम नहीं करती। जल जीवन मिशन में हमने जो कंपनियां शामिल की हैं वह बड़ी अच्छी कंपनियां हैं”  रश्मि मैटेलिक के पक्ष में मंत्री जी कसीदे पढ़ रहे थे उसे सबसे अच्छा बता रहे थे। जब मैंने ये तमाम आरोप रश्मि मैटेलिक पर लगाए थे तब उन्होंने मुझे 5000 करोड़ का मानहानि का नोटिस भेज दिया और जब न्यायालय में मुकदमा किया तो रश्मि मैटेलिक ने 1000000 रुपए कर दिया यानी चार हजार 999 करोड़ 90 लाख की मानहानि न्यायालय जाने से पहले ही खत्म हो गई। 10 लाख रुपए की मानहानि का नोटिस उन्होंने भेजा है, न्यायालय की तरफ से जो तारीख रखी गई है उसमें मुझे या मेरे वकील को न्यायालय की तरफ से आने के लिए कहा गया है तो मेरे वकील साहब हाजिर होंगे और जवाब देंगे। मैं फिर दोहराना चाहता हूं इस देश का संविधान, इस देश का कानून, सच बोलने की हजार ताकत देता है और जल जीवन मिशन में जो मैंने आरोप लगाया था कि बगैर स्टीमेट बनाएं टेंडर करा दिया गया हजारों करोड़ रुपए का। मेरे ख्याल से यह इकलौता उदाहरण होगा जहां पर स्टीमेट बना ही नहीं यानी किस कार्य को कितने मूल्य में कराना है यह निर्धारित ही नहीं हुआ और उसके पहले टेंडर करा दिया गया 40-50 परसेंट 2 गुना 3 गुना दाम बढ़ा कर हजारों करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया गया।
संजय सिंह ने कहा कि जब मैंने यह खुलासा किया तो आपको याद होगा कि एक चिट्ठी 21 अगस्त को अखंड प्रताप सिंह अधिशासी निदेशक के द्वारा जारी की गई जल निगम के प्रबंध निदेशक को कि आप सारे कामों का रेट तय करके बताइए। अपने आप में अखंड प्रताप सिंह की चिट्ठी साबित करती है कि आप ने बगैर स्टीमेट बनाया टेंडर जारी कर दिया बगैर दाम तय किए अनाप-शनाप दामों पर टेंडर कर दिया।
अब मैं बात कर रहा हूँ उन कंपनियों की जिनके कार्य की समीक्षा की गई कि इसमें भ्रष्टाचार हुआ है, उनके लिए बार-बार कहा गया कि उन्होंने उच्च कोटि का काम किया है, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की व्यवस्था कर रखी है,सारे काम अव्वल दर्जे के उच्च कोटि के हो रहे हैं ये महेंद्र सिंह ने कहा था। मैसर्स बी पी आर पी एल प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स जे एम सी लिमिटेड, आदि ऐसी कई सारी कंपनियां जिनके कार्यों की समीक्षा की गई और अंत में लिखा हुआ है समग्र रूप से सभी कार्यदाई संस्थाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है परियोजनाओं का समय पर पूरा किया जाना संभव नहीं है। ऐसी तमाम कंपनियों के काम लिखे हुए हैं और नीचे प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव जी के हस्ताक्षर हैं।
जब मैं कह रहा था कि इन अनाप-शनाप कंपनियों को बाहर से बुलाकर आपने कार्य दे दिया, यूपी की कंपनियों को कार्य देने के लिए आप बहाना बना रहे थे कि यूपी जल निगम काम ठीक नहीं करता है, इसलिए हम तो बड़ी-बड़ी कंपनियां बुला रहे हैं और इन बड़ी-बड़ी कंपनियों के क्या हालत है? इन सवाल मेरा ये है कि बड़ी-बड़ी कंपनियों से बड़ा-बड़ा कमीशन लेकर आपने काम दिया है क्या?
जब मैं खुलासा करता हूं तब आप समीक्षा बैठक कर रहे हैं। इसके पहले मैं जब कह रहा था कि आपने अनाप-शनाप दामों पर बढ़े दामों पर बगैर एस्टीमेट बनाए टेंडर दे दिया तो उस समय आप समीक्षा नहीं कर पा रहे थे! तब आप रेट नहीं ले पा रहे थे! अब आप रेट निकाल रहे हैं। जब दो एक्स सी एन निर्दोष कुमार जौहरी और आकाश जैन हिम्मत करके इनकी असलियत खोलने का काम किया तो सूचना यह भी आ रही है कि उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने का सरकार मन बना रही है। अपने पाप और गुनाह को ढकने के लिए बार-बार पाप और गुनाह करना बंद करो। और ये जो आप नोटिस भिजवा रहे हैं अपनी कंपनियों से, उनकी हालत तो अभी खराब हो गई 5000 करोड़ का नोटिस भेजा था न्यायालय पहुंचते-पहुंचते 1000000 पर आ गए। जिन 21 कंपनियों को अपने काम दिया है। और आपकी रिपोर्ट में कहा गया है कोई कंपनी काम नहीं कर रही है। आपकी नोटिस में कहा गया है कि उन कंपनियों को बार-बार नोटिस दी जा रही है लेकिन वह काम नहीं कर रहे हैं। काम क्यों करेंगे जब वह घोटाला करने आए हैं, मेरा सीधा आरोप ये है। आप मुझे तो दबाने की कोशिश कर सकते हैं नोटिस भेजकर और मुकदमा लिख कर लेकिन जिनसे कमीशन खाया है, जिन लोगों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार किया है उस पर आपका क्या कहना है बताओ। अब तो आप खुद कह रहे हो।

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