Thursday , July 7 2022

शिवपाल बोले- पुलिस सक्षम न हो तो मामले की CBI जांच कराई जाए

लखनऊ। मोहनलालगंज व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुजीत पांडेय की हत्या के एक हफ्ते बाद भी पुलिस की पकड़ से हत्यारे दूर हैं। उनके परिजनों से मिलने शनिवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल यादव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यूपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राजधानी में एक प्रतिष्ठित व्यक्ति की हत्या बताती है कि यूपी में कानून व्यवस्था की स्थिति कितनी खराब हो चुकी है। हमारी मांग है कि इस हत्याकांड का जल्द से जल्द खुलासा हो। यदि पुलिस सक्षम न हो तो मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।

बता दें कि घटना के बाद से सुजीत पांडेय के परिजनों से मिलने वालों में सत्तारूढ़ पार्टी कि कई कद्दावर मंत्री शामिल हैं। इसमें डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा व कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक परिजनों के घर जाकर जल्द खुलासे का आश्वासन और सरकार उनके साथ होने का भरोसा दे चुके हैं। वहीं विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार को घेरने में पीछे नहीं है। दो दिन पूर्व समाजवादी सरकार के पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा, पवन पाण्डेय व अन्य नेता मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे थे।

क्या है मामला ?

बीते 20 दिसंबर को सुजीत पांडेय की गौरा भट्टा के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं जांच कर रही पुलिस टीम साल 2019 में हुई एक हत्या के साथ इस हत्या को जोड़कर देख रही है। दोनों मृतकों का प्रॉपर्टी से संबंधित कारोबार था। दोनों के पास लाइसेंसी असलहा था। दोनों अकेले चलते थे।

वारदात के दिन भी दोनों खुद ही अपनी गाड़ी चला कर गए थे। वारदात का तरीका भी एक ही जैसा था। बाइक सवार बदमाशों ने गाड़ी से उतरते समय गोलियां बरसाईं। तरीका भी भाड़े के शूटरों जैसा ही था। सिर्फ अंतर इतना था कि अशोक की हत्या में .30 बोर का असलहा प्रयोग किया गया था, वहीं सुजीत पांडेय की हत्या में 9 एमएम पिस्तौल का। पुलिस को आशंका है कि दोनों वारदात एक ही गिरोह ने अंजाम तो नहीं दी हैं। शूटर भले ही अलग-अलग थे। सुजीत पांडेय हत्या के मामले में अब तक की छानबीन में पुलिस को हत्यारों के बारे में कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। प्रारंभिक छानबीन में पुलिस राजनीतिक या स्थानीय विवाद के मद्देनजर हत्याकांड की पड़ताल में जुटी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुजीत पांडेय की हत्या स्थानीय विवाद में ही हुई है।

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