Friday , May 27 2022

भीषण गर्मी और लू से लॉकडाउन जैसी स्थिति

बाड़मेर:  राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में भीषण गर्मी के चलते आम जनजीवन प्रभावित है। पश्चिमी इलाकों में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के चलते शुक्रवार दिन में सड़कें सूनी रहीं और लोग अपने घरों के अंदर ही बंद रहे जिससे लॉक डाउन जैसे हालात नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को गंगानगर 48.1 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा।

बाड़मेर में अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट के साथ 47.8 डिग्री सेल्सियस, बारां एवं करौली में 47.8-47.8, पिलानी में 47.7 डिग्री, धौलपुर एवं फलोदी में 47.6-47.6 डिग्री, बीकानेर में 47.4 डिग्री, कोटा में 47.2 डिग्री, नागौर में 46.9 डिग्री, और अन्य प्रमुख स्थानों पर 46.3 डिग्री सेल्सियस से43.8 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। विभाग के अनुसार राज्य के अधिकतर प्रमुख शहरों में बृहस्पतिवार को रात का तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस से लेकर 27 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

उल्लेखनीय है कि बाड़मेर में बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस जबकि जैसलमेर में 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। ग्रामीण इलाकों में लू के थपेड़ों के साथ धूलभरी आंधियों ने आम जनजीवन को बेहाल कर रखा है। गर्मी से पशु पक्षियों के हाल इससे भी बुरे हैं। बाड़मेर के कारोबारी सुनील कुमार ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि गर्मी असहनीय है। कुमार ने कहा कि जैसे जैसे दिन चढ़ता है हालात कठिन होते जाते हैं और दोपहर में भीषण लू के चलने से बाहर जाना एक चुनौती बन जाता है। उन्होंने बताया कि बीते करीब 15 दिनों से कूलर, फ्रिज, एसी की जबरदस्त डिमांड है, वैसे तो गर्मी की सीजन शुरू होने से पहले वे जरूरत के हिसाब से खरीददारी कर लेते है, लेकिन इस बार उन्हें दो से तीन बार फिर से आर्डर देने पड़े।

ऐसे में बिगड़ते हालात के बीच लोग गर्मी से बचने के लिए तरह तरह के प्रयास करते देखे जा सकते हैं। लोग छत पर सोने से पहले गर्मी के असर को कम करने के लिये पानी का छिड़काव करते हैं।

बाड़मेर हो या जैसलमेर लोग दिन की शुरुआत काफी जल्दी कर लेते हैं और सुबह का कामकाज सुबह 8-9 बजे तक खत्म कर लेते हैं। राज्य के पश्चिमी इलाकों में भीषण गर्मी से न केवल आम नागरिक बल्कि रेगिस्तान में भारत पाक सीमाओं की रखवाली कर रहे सीमा सुरक्षा बल के जवानों को भी उच्च तापमान में कठोर परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

गर्मी से बचने के लिए अधिकांश दुकानदार शटर गिरा देते हैं और सड़के लगभग खाली रहती हैं। धूप के प्रभाव को कम करने के लिये जैसलमेर के पोखरण कस्बे में दुकानदारों ने एक पूरी गली को हरी जाली से ढक दिया। जैसलमेर के दुकानदार जय भाटी ने बताया कि भीषण गर्मी ने सभी को परेशान कर दिया है। दोपहर 12 से 1 और शाम 4 से 5 बजे के दौरान सड़कें लगभग सूनी रहती हैंऔर यह लॉकडाउन जैसी स्थिति महसूस होती है। तापमान के बढ़ने के साथ ही नींबू पानी, छाछ, दही और जूस की मांग भी बढ़ गई हैं। भारत पाक सीमा पर गर्मी से हालात और भी भयावह हो गए हैं। अन्य क्षेत्रों की तुलना में सीमावर्ती क्षेत्रों में तापमान एक से दो डिग्री सेल्सियस अधिक है। ऐसे हालात को देखते हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अपने जवानों को गर्मी से बचाने के लिये व्यापक इंतजाम किए हैं।

सीमा सुरक्षा बल के बाड़मेर सेक्टर के उप महानिरीक्षक विनीत कुमार ने कहा कि बीएसएफ के जवानों के लिये नींबू पानी, दही, और छाछ की व्यवस्था की गई है और उन्हें समय समय पर पेय पदार्थों का सेवन करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने बताया, ‘‘गर्मियों में सीमा सुरक्षा एक चुनौतीपूर्ण काम है, लेकिन इसके बावजूद बीएसएफ के जवान पूरी तैयारी के साथ सीमा पर खडे है और खुद को गर्मी से बचाने के लिये हर संभव कोशिश कर रहे है।’’ जयपुर मौसम केन्द्र के एक अधिकारी बताया कि पश्चिमी राजस्थान एवं आसपास के क्षेत्रों के ऊपरी वायुमंडलीय स्तरों में बने प्रतिचक्रवात तंत्र व वायुमंडल के निचले स्तरों में गर्म व शुष्क पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से राज्य में तीव्र लू की परिस्थिति बनी हुई है। जयपुर मौसम केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने कहा , ‘‘ वर्तमान में चल रही लू का दौर अभी भी अगले 48 घंटों तक जारी रहेगा। तत्पश्चात तापमान में हल्की गिरावट होने की सम्भावना है।’’ उन्होंने बताया कि एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 16 मई से अधिकतर स्थानों के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी।

उनके अनुसार अधिकतम तापमान 45 डिग्री से नीचे दर्ज होंगे तथा लू से 16 मई से राहत मिलने की प्रबल संभावना है। शर्मा ने बताया कि बीकानेर व जोधपुर संभाग के जिलों में 14-15-16 मई के दौरान तेज धूल भरी हवाएं/आंधियां (30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा) चलने की संभावना है।