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…तो अब योगी सरकार का अगला शिकंजा यूपी का सबसे बड़ा गैंग पर

लखनऊ। आपने अक्सर फिल्मों में देखा होगा कि कुख्यात अपराधी बंदूक की नोक पर अपने इलाके में लोगों के बीच खौफ का व्यापार करता है और लोगों के सामने वह लोगों को मौत के घाट उतार देता है, यही नहीं वहां मौजूद लोग उसके खिलाफ गवाही देने की भी हिमाकत नहीं करते हैं, और जो हिम्मत करके गवाही देने के लिए आगे आता है उसे मौत के घाट उतार दिया जाता है। कुछ ऐसी ही फिल्मी कहानी थी मुख्तार अंसारी की, जो उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में चला रहा था और हत्या, फिरौती, गुंडा टैक्स, अपरहरण सहित तमाम ऐसे काले धंधे करता था जिसकी कानून इजाजत नहीं देता था।

जी हां आज हम बात कर रहे है खतरनाक तरीके से काम करने वाले गैंगस्टर मुख्तार अंसारी जो एक भारतीय माफिया-डॉन और उत्तर प्रदेश के राजनेता थे। अंसारी मऊ निर्वाचन क्षेत्र से विधान सभा के सदस्य के रूप में रिकॉर्ड पांच बार विधायक चुने गए है। वह अन्य अपराधों सहित कृष्णमंद राय हत्या के मामले में मुख्य आरोपी था, लेकिन अंसारी को दोषी नहीं ठहराया गया है।अंसारी ने बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) के एक उम्मीदवार के रूप में अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता। और 2007 में उम्मीद वार घोषित हुए  वही 2009 के लोकसभा चुनाव में चुनाव लड़ा लेकिन असफलता मिली।

जिसके बाद बसपा ने 2010 में उन्हें आपराधिक गतिविधियों के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया था, बाद में अंसारी ने अपने भाइयों के साथ अपनी पार्टी कौमी एकता दल का गठन किया। वह उत्तर प्रदेश विधायक विधानसभा चुनाव 2012 में माऊ सीट से विधायक चुने गए। 2017 में बसपा के साथ कौमी एकता दल को विलय कर दिया, और बसपा उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव में पांचवीं वार विधायक के रूप में जीते।

अब बताते है मुख़्तार अंसारी की फैमिली हिस्ट्री के बारे में

इनके दादाजी कांग्रेस के प्रेसिडेंट रह चुके थे, मुख़्तार अहमद अंसारी के भाई अफज़ल 4 बार कम्युनिस्ट पार्टी से MLA रह चुके हैं और एक बार समाजवादी पार्टी से. अंसारी का कहना है कि इनके अब्बा और दादाजी फ्रीडम फाइटर थे. साथ ही चाचा और दादाजी नेहरू, सुभाष चन्द्र बोस और गांधीजी के भी काफ़ी करीब थे. चाचा हामिद अंसारी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वीसी भी रह चुके थे।

लेकिन वही अब योगी सरकार ने मफियाओं के खिलाफ जगं छेड दी। अब यूपी पुलिस का शिकंजा मुख्तार गैंग पर कसता जा रहा है। पूर्वांचल से लखनऊ तक मुख्तार से जुड़े लोगों पर पुलिस ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। मऊ पुलिस ने अब मुख्तार के करीबी 12 अपराधियों को जिला बदर किया है। इन अपराधियों में मुख्तार का शार्प शूटर अनुज कनौजिया,सभासद अल्तमश,अनीश, मोहर सिंह, जुल्फिकर कुरैशी, तारिक, मोहम्मद सलमान, आमिर हमजा, मोहम्मद तलहा, जावेद आरजू, मोहम्मद हाशिम और राशिद शामिल हैं।

मऊ के एसपी ने बताया कि अगले 6 महीनों के लिए इन्हें जिला बदर किया गया है। मऊ एसपी ने बताया कि इन सभी अपराधियों के शस्त्र लाइसेंस भी रद्द किए गए हैं और अन्य कार्रवाई भी की जा रही है।

लखनऊ में अंसारी के बेटों की दो इमारतें ध्वस्त

आज गुरुवार को एलडीए ने माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ बड़ी कारवाई करते हुए लखनऊ के डालीबाग में बने मुख्तार अंसारी के बेटों की दो इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। मौके पर मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास व उमर अंसारी के टावर पर झड़प भी हो गई। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें खदेड़ कर भगाया।

आपको बता दें कि मुख्तार अंसारी के बेटों पर शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर दो मंजिला इमारत बना ली थी। एलडीए संयुक्त सचिव ऋतु सुहास ने 11 अगस्त को गिराने का आदेश जारी किया था। गुरुवार सुबह कार्रवाई शुरू हुई। इसके लिए एलडीए और पुलिस प्रशासन समेत 250 से अधिक पुलिसकर्मी और 20 से अधिक जेसीबी लगी रहीं। एलडीए ने कुछ ही देर में बुलडोजर चलवाकर माफिया की इमारत को ध्वस्त किया। ऐसा लगता है कि अब बदमाशो का राज खत्म होने वाला है। क्यो कि सरकार लगातार मफियाओं पर अपना शिकंजा कस रही है।

विरोध करने पर पुलिस ने खदेड़ा

 

 

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