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स्टेट लॉ कमीशन के चेयरमैन बोले – जहां जिहाद होगा वहां लव नहीं होगा

लखनऊ : यूपी स्टेट लॉ कमीशन के चेयरमैन जस्टिस आदित्यनाथ मित्तल ने कहा है कि जहां जिहाद होगा, वहां लव नहीं हो सकता और जहां लव होगा, वहां जिहाद नहीं हो सकता. बता दें कि मित्तल ने यूपी में पास होने वाले उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म समपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 को ड्राफ्ट किया है. जिसके बाद इस अध्यादेश को योगी सरकार ने पास कर दिया है. अब राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद लव जिहाद अपराध माना जाएगा. कानून के तहत 10 साल तक की सजा दी जा सकती है.

मित्तल कहते हैं कि दोनों व्यक्ति अपने धर्म को अपनाते हुए शादी कर सकते हैं. इसके तमाम उदाहरण राजनीति और बॉलीवुड में हैं. मैं तो यहां तक कहूंगा कि जब स्वर्गीय इंदिरा गांधी की शादी स्वर्गीय फिरोज खान गांधी से हो रही थी तो गांधी जी के भी यही विचार थे कि शादी के लिए धर्म परिवर्तन की जरूरत नहीं है.

उन्होंने बताया कि लव जिहाद का कोई डेटा कहीं उपलब्ध नहीं है, न ही डीजी ऑफिस और न ही किसी अन्य प्लेटफार्म पर. मामले पर जानकारी के लिए उन्होंने तीन चार महीने की न्यूज़ रिपोर्ट्स को स्टडी किया. अपनी रिपोर्ट में पेपर कटिंग्स को पार्ट बनाया है. उसमें अक्सर यह देखने को मिला कि जिसमें शादी के बाद धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था. जिससे लड़कियां परेशान हो रही थी.

धर्म परिवर्तन के बढ़ते मामलों को देखते हुए जरूरत महसूस हुई कि यूपी में भी कानून बनाया जाए, इसलिए स्टडी शुरू हुई. क्योंकि इस बारे में यूपी विधान परिषद और विधानसभा में भी समय-समय पर सवाल उठाए जाते रहे हैं.

कौन है जस्टिस आदित्यनाथ मित्तल

जस्टिस आदित्यनाथ मित्तल ने यूपी लॉ सर्विस 1978 में जॉइन किया. कानपुर देहात समेत कई जिलों में जिला जज के तौर पर भी पोस्टेड रहे हैं. 2012 में वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज बन कर पहुंचे. इसके बाद 4 दिसंबर 2016 को वह रिटायर हो गए और 18 अगस्त 2017 को वह स्टेट लॉ कमीशन के चेयरमैन बन गए. अभी 2 साल का कार्यकाल उनका बचा हुआ है.

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