Monday , September 26 2022
कांग्रेस छोड़ BJP में शामिल हुए सुनील जाखड़, नड्‌डा ने दिलाई पार्टी की सदस्यता
कांग्रेस छोड़ BJP में शामिल हुए सुनील जाखड़, नड्‌डा ने दिलाई पार्टी की सदस्यता

कांग्रेस छोड़ BJP में शामिल हुए सुनील जाखड़, नड्‌डा ने दिलाई पार्टी की सदस्यता

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में पूर्व पंजाब कांग्रेस चीफ सुनील जाखड़ भाजपा में शामिल हुए। BJP में शामिल होने के बाद सुनील जाखड़ ने कहा कि हमारी 3 पीढ़ियां 1972 से लेकर 2022 तक कांग्रेस पार्टी के साथ रही हैं। सुनील जाखड़ ने राजनीति को निजी स्वार्थ के लिए इस्तेमाल नहीं किया,मैंने हमेशा जोड़ने का काम किया मैं एक ऐसे सूबे से संबंध रखता हूं जो गुरुओं-पीर की धरती है। भाजपा में शामिल होने के बाद पूर्व पंजाब कांग्रेस चीफ सुनील जाखड़ ने कहा कि अगर आज सुनील जाखड़ ने एक परिवार से 50 साल का रिश्ता तोड़ा है तो उसमें कई आधारभूत बातें हैं किसी से कोई व्यक्तिगत झगड़ा नहीं था। उन्होंने कहा कि पंजाब में दंगों के वक्त भी हिंदू-सिख भाईचारा कभी नहीं टूटा। मेरी जिंदगी का यही मूल मंत्र भी था। जाखड़ ने कहा कि मुझे दुख इस बात का है कि मुझे इस बात के लिए कटघरे में खड़ा किया गया कि मैंने पंजाब को जाति, धर्म और परसेंटेज के आधार पर न बांटने की बात कही। जाखड़ ने कहा कि मैंने रिश्तों को उसूलों की तरह निभाया है। जब पार्टी अपने सिद्धांत से ही हट जाएं तो इसके बारे में सोचना पड़ता है।
सुनील जाखड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैं डेढ़ साल संसद में रहा। प्रधानमंत्री मोदी करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए पंजाब आए थे। तब उनके साथ लंगर छका और बातचीत का मौका मिला। अब उन्होंने लाल किले पर हिंद की चादर श्री गुरू तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व बनाया।
वहीँ, जेपी नड्डा ने कहा कि पंजाब में राष्ट्रवादी ताकतों का प्रथम स्थान भाजपा ले रही है। इसलिए आवश्यक होता है कि राष्ट्रवादी विचार रखने वाले सभी लोग भाजपा से जुड़ें और पार्टी को मजबूती प्रदान करें।
बता दें कि सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को कुर्सी से हटाने के बाद ज्यादातर विधायक उनके पक्ष में थे। इसके बावजूद उन्हें CM नहीं बनाया गया। इसके पीछे की वजह सोनिया गांधी की नजदीकी अंबिका सोनी हैं। जिन्होंने कहा कि पंजाब में सिख CM ही होना चाहिए। इससे पहले जाखड़ को हटाकर कांग्रेस ने नवजोत सिद्धू को प्रधान बना दिया था। इसके बाद नाराज होकर जाखड़ ने एक्टिव पॉलिटिक्स से किनारा कर लिया था।
सुनील जाखड़ को कांग्रेस ने अनुशासनहीनता का नोटिस भेजा था। कांग्रेस ने कहा कि चुनाव से पहले उनके बयानों से पार्टी को बहुत नुकसान हुआ। हालांकि, जाखड़ ने इस नोटिस का जवाब नहीं दिया। जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान को उनसे बात करनी चाहिए थी। इसके बजाय उन्हें नोटिस थमा दिया गया।
सुनील जाखड़ ने कांग्रेस छोड़ने से पहले पार्टी नेताओं पर बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व चापलूसों से घिरा हुआ है। राहुल गांधी फैसले नहीं लेते। उन्हें दोस्त और दुश्मन की पहचान करनी चाहिए। जाखड़ ने अंबिका सोनी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब में ज्यादातर कांग्रेस इंचार्ज सोनी की ही कठपुतली बनकर काम करते रहे। जाखड़ ने कांग्रेस के उदयपुर चिंतन शिविर पर भी सवाल उठाए थे।

सुनील जाखड़ का सियासी सफर
सुनील जाखड़ पंजाब कांग्रेस के प्रमुख हिंदू नेता थे। वह अबोहर के गांव पंचकोसी के रहने वाले हैं। उनके पिता बलराम जाखड़ भी कांग्रेस के दिग्गजों में शामिल थे। उनका परिवार तीन पीढ़ियों से कांग्रेस से जुड़ा रहा। जाखड़ 2002 में पहली बार अबोहर शहर से विधायक चुने गए थे। वह कुल 3 बार यहां से 3 बार विधायक बने। इसके बाद वह 2012 से 2017 तक पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे। सुनील जाखड़ ने बीजेपी का गढ़ माने जाने वाली गुरदासपुर लोकसभा सीट से 2017 में बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। कैप्टन जब 2017 के बाद सीएम बने तो जाखड़ पंजाब कांग्रेस के प्रधान रहे।