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किसान आंदोलन पर हालात में कोई बदलाव नहीं आया: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। किसानों के प्रदर्शन और केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानून को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) ने कहा हम सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करेंगे। सीजेआई ने कहा कि कोर्ट नए कृषि कानून के खिलाफ दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगी। इसके साथ ही कहा कि हम किसानों की समस्याओं को समझते हैं।
वहीं याचिकाकर्ता एमएल शर्मा कि याचिका पर कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल और सॉलिसीटर जनरल पेश हुए। बता दें कि केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानून को रद्द करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।

किसानों के आंदोलन का 42वां दिन

बता दें कि बुधवार को किसानों के आंदोलन का 42वां दिन रहा। किसान संगठनों और सरकार के बीच अब अगली बातचीत 8 जनवरी को होनी है, इससे पहले किसान 7 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालने का भी ऐलान कर चुके हैं। कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं।

नए कृषि कानूनों की संवैधानिक वैधता को लेकर याचिका दायर

दरअसल, नए कृषि कानूनों की संवैधानिक वैधता को लेकर कुछ वकीलों ने जनहित याचिका दायर की है. इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम किसान आंदोलन और कृषि कानूनों की अर्जी पर सोमवार को सुनवाई करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) एसए बोबड़े ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हमें हालात में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है।

सीजेआई एसए बोबड़े ने कहा- कि हम हालात से वाकिफ हैं

इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम बात कर रहे हैं। वहीं, अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष किसी मुद्दे पर सहमत हो जाएंगे। इस पर सीजेआई एसए बोबड़े ने कहा कि हम हालात से वाकिफ हैं और चाहते हैं कि बातचीत और बढ़ें। हम हालात पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं।

वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कृषि कानून और किसान आंदोलन के मामले में सुनवाई की जरूरत नहीं है, क्योंकि अभी दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है। इस पर सीजेआई एसए बोबड़े ने कहा कि हम सोमवार को मामले को देखेंगे, अगर बातचीत सकारात्मक रही तो हम सुनवाई को टाल देंगे।

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