Friday , October 7 2022
ज्ञानवापी मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी कोर्ट के फैसला देने पर रोक लगाई
ज्ञानवापी मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी कोर्ट के फैसला देने पर रोक लगाई

ज्ञानवापी मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी कोर्ट के फैसला देने पर रोक लगाई

वाराणसी/नई दिल्ली। वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। कोर्ट ने फिलहाल मामले को कल शुक्रवार तक के लिए टाल दिया है। यह भी कहा गया कि तब तक वाराणसी कोर्ट में भी इसपर सुनवाई नहीं होगी। अब सुप्रीम कोर्ट कल इस मामले पर कल दोपहर 3 बजे सुनवाई करेगा।
इससे पहले ज्ञानवापी मस्जिद पर वाराणसी कोर्ट में सर्वे रिपोर्ट पेश हो चुकी थी। इसके अलावा आज शाही ईदगाह मस्जिद मामले पर मथुरा कोर्ट में सुनवाई होनी है। ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने सुनवाई टालने की मांग की है और अपना जवाब दाखिल करने के लिए कल तक का वक्त मांगा है। वहीं मुस्लिम पक्ष ने कहा है कि इस मामले पर तुरंत सुनवाई की जाए।
उधर, श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुख्य पक्षकार मनीष यादव ने सिविल जज सीनियर डिविज़न की कोर्ट में दिया प्रार्थना पत्र दिया है। कहा गया है कि ईदगाह में जिस स्थान पर नमाज़ अदा की जाती है वहीं भगवान श्रीकृष्ण का गर्भ ग्रह है. आरोप लगाया गया है कि प्रतिवादी पक्ष साक्ष्य मिटा रहा है। कहा गया है कि वहां 24 घंटे चलने वाले सीसीटीवी लगाए जाएं।
ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे रिपोर्ट पर विशाल सिंह (अधिवक्ता विशेष आयुक्त, वाराणसी) ने कहा कि आज हम लोग 2 बजे से पहले रिपोर्ट जमा कर देंगे। हमने सीलबंद लिफाफे में वीडियो चिप भी दाखिल की है। कोर्ट के समक्ष सब कुछ पेश किया गया है। 6-7 मई को जो उन्होंने (पूर्व अधिवक्ता-आयुक्त अजय कुमार मिश्रा) ज्ञानवापी परिसर के बाहर अकेले ही कमीशन की थी उसकी रिपोर्ट उन्होंने फाइल कर दिया था और आज 14, 15 और 16 मई को परिसर के अंदर की गई कमीशन की रिपोर्ट फाइल कर दिया जाएगा।
असिस्टेंट कोर्ट कमिश्नर अजय प्रताप सिंह (वाराणसी, उत्तर प्रदेश) ने कहा कि कोर्ट ने हमें ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे कमीशन करने की जिम्मेदारी दी थी और हमने 14,15 और 16 मई को सर्वे कमीशन किया। हमने बहुत निष्ठा से सर्वे रिपोर्ट तैयार किया और रिपोर्ट को आज हम 12 से 2 बजे के बीच कोर्ट के समक्ष सौंप देंगे। हमने सर्वे रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश कर दी है। 10-15 पेज की सर्वे रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष पेश की गई है।
SC में ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील विष्णु जैन ने कहा कि हमने अभी तक कोई हलफ़नामा दाख़िल नहीं किया है,मामले को SC ने आज सुनवाई के लिए रखा था। इसमें अतिरिक्त गतिविधियां हुई हैं,कई अतिरिक्त दस्तावेज हैं जिसे कोर्ट के रिकॉर्ड पर लाना है इसके लिए हम कोर्ट से कुछ वक्त की मोहलत मांगेगे। हमने वहां (वाराणसी) में भी कुछ समय मांगा है क्योंकि मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित है और हमें हर दस्तावेज को रिकॉर्ड में रखने की ज़रूरत है। तो एक साथ 2 कार्यवाही नहीं चल सकती है। जहां तक वजू खाने के नीचे की दीवार गिराने की अर्ज़ी का सवाल है, हमें कुछ समय लगेगा। मुझे लगता है कि मुस्लिम पक्ष भी हमारे आवेदन पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए कुछ समय की मांग करेंगे।
ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद SC में ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील विष्णु जैन ने कहा कि आगे कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही होगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए समय तक आगे की प्रक्रिया नहीं होगी।
ज्ञानवापी परिसर में माता श्रृंगार गौरी की पूजा को लेकर हुए सर्वे शुरुआती रिपोर्ट में कई अहम सबूत ऐसे मिले हैं, जिन से यह साफ जाहिर होता है कि ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण किस से मंदिर को तोड़कर किया गया था। पूर्व एडवोकेट कमिश्नर अजय मिश्रा की ओर से अदालत में दाखिल की गई रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि ज्ञानवापी मस्जिद की पश्चिमी दीवार पर शेषनाग और हिंदू देवी देवताओं की कलाकृति साफ रूप से नजर आ रही है। सर्वे के दौरान ये कलाकृतियां मस्जिद की दीवार के उत्तर से पश्चिम तक बनी हुई दिखाई दी है और वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी में भी इसके प्रमाण साफ तौर पर दर्ज किए गए हैं। शुरुआती दो दिनों में न्यायालय के आदेश पर सर्वे करने वाले एडवोकेट कमिश्नर अजय मिश्रा ने इस संबंध में रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी है, जिसे कोर्ट ने अपने रिकॉर्ड में भी ले लिया है।
वहीँ, अभिनेत्री कंगना रनौत इन दिनों उत्तर प्रदेश में हैं। वाराणसी पहुंची तो उनसे ज्ञानवापी मुद्दे पर सवाल हुआ। कंगना ने कहा कि जैसे मथुरा के कण में कृष्ण हैं, जैसे अयोध्या के कण में राम है वैसे ही काशी के कण-कण में महादेव हैं। उन्हें किसी संरचना की ज़रुरत नहीं है।