Friday , October 7 2022
आकांक्षात्मक विकासखंडों के विकास के लिए IIT कानपुर व IIM लखनऊ के छात्रों की मदद लें
आकांक्षात्मक विकासखंडों के विकास के लिए IIT कानपुर व IIM लखनऊ के छात्रों की मदद लें

आकांक्षात्मक विकासखंडों के विकास के लिए IIT कानपुर व IIM लखनऊ के छात्रों की मदद लें

लखनऊ। UP के CM Yogi Adityanath ने लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के आकांक्षात्मक जनपदों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि आकांक्षात्मक जनपदों के तय विकास मानकों के संबंध में अद्यतन स्थिति का सतत आकलन किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि डाटा सटीक, त्रुटिरहित और सही स्थिति को दर्शाए। साथ ही, डेटा की जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी/संस्थाओं का सहयोग लेने पर भी विचार किया जाए। नीति आयोग द्वारा चिह्नित प्रदेश के 08 आकांक्षात्मक जनपदों (बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, चंदौली, फतेहपुर, चित्रकूट, बहराइच और श्रावस्ती) में विकास के सभी मानकों पर सराहनीय कार्य किया जा रहा है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत रियल टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड (चैम्पियन ऑफ चेंज) रैंकिंग में इन जनपदों ने अच्छा स्थान प्राप्त किया है। देश के कुल 112 आकांक्षात्मक जनपदों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों की नवीनतम सूची में प्रदेश के 05 जनपद शीर्ष 10 में शामिल हैं। जनपद बलरामपुर प्रथम स्थान पर है। यह स्थिति संतोषजनक है। आकांक्षात्मक जनपदों की तर्ज पर ही 100 आकांक्षात्मक विकासखंडों को चयन कर इनके सामाजिक, आर्थिक सुधार के लिए विशिष्ट प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास तथा आधारभूत संरचना के विविध मानकों पर इन विकासखण्डों के समग्र विकास के लिए प्रयास हो। विकास इंडीकेटर में बीसी सखी, ग्राम सचिवालय, अमृत सरोवर जैसे दूरगामी परिणामदायक प्रयासों को भी सम्मिलित किया जाए। मार्च 2022 को बेसलाइन मानते हुए चयनित इंडीकेटर पर ब्लॉकवार अद्यतन सूचना वर्तमान माह के अंत तक एकत्रित कर ली जाए। इसके उपरान्त हर माह की 15 तारीख तक संबंधित जनपदों द्वारा अद्यतन प्रगति विवरण फीड किया जाए। इसकी पुष्टि संबंधित विभागों द्वारा भी कराई जाए। आकांक्षात्मक विकासखंडों की सतत् मॉनिटरिंग और वास्तविक स्थिति के सटीक आकलन के लिए IIT Kanpurऔर IIM Lucknow के विद्यार्थियों का सहयोग लिया जाए। UP सरकार के प्राविधिक एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों/संस्थानों के विद्यार्थियों को भी इससे जोड़ा जाए। आकांक्षात्मक विकासखंडों में तैनात होने वाले खंड विकास अधिकारी को अन्यत्र किसी और ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार न दिया जाए। इन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत युवा, ऊर्जावान और विजनरी अधिकारियों की तैनाती की जाए। संबंधित SDM को इस विकासखंड का नोडल अधिकारी नामित किया जाए। यह नोडल अधिकारी विकास खंड में होने वाले विकास कार्यों, उपलब्ध कराए जा रहे डेटा की शुचिता और वास्तविकता के प्रति जवाबदेह होगा।