Wednesday , July 6 2022

नए किसान बिल पर विपक्ष के साथ पक्ष का भी विरोध झेल रही है सरकार

नई दिल्ली: बीते गुरुवार को विपक्ष के भारी विरोध के बावजूद संसद में दो कृषि विधेयक पारित हो गए। इससे पहले एक विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पारित हुआ था। इन विधेयकों को लेकर सरकार को विपक्ष के साथ-साथ पंजाब में अपनी सहियोगी शिरोमणि अकाली दल के भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने अपना इस्तीफ़ा दे।

सरकार की ओर से पेश दो कृषि विधेयकों को किसान विरोधी ठहराते हुए उन्‍होंने गुरुवार को खाद्य प्रसंस्करण मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। जिसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया। अब हरसिमरत कौर की जगह राष्‍ट्रपति ने नरेंद्र सिंह तोमर को मंत्रालय का अतिरिक्‍त प्रभार सौंपा है। वहीं बिल के विरोध में प्रदर्शन पर बैठे एक किसान ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के घर के बाहर जहर खा लिया।

शिरोमणि अकाली दल लगातार कर रही थी बिल का विरोध

भाजपा की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल इस अध्यादेश का लगातार विरोध कर रही है। संसद में विपक्ष के हंगामे के बावजूद ध्वनिमत से दोनों कृषि विधेयक पारित हो गए। हरसिमरत कौर के इस्तीफे पर राष्ट्रपति भवन की एक विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सलाह लेने के बाद राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्री परिषद से हरसिमरत का इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत स्वीकार कर लिया है।

हरसिमरत ने ट्वीट कर दी इस्तीफें की जानकारी

शिरोमणि अकाली दल नेता हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट कर मोदी कैबिनेट से अपने इस्तीफे की जानकारी लोगों को दी। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए इस्तीफे में हरसिमरत कौर बादल ने कहा, ‘मुझे विश्वास था कि जब इन अध्यादेशों अंतिम रूप दिया जाएगा तो उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को इसमें शामिल करते उनका समाधान किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मेरा इस्तीफा, किसानों के पक्ष में आवाज उठाने वाली मेरी पार्टी की सोच को कायम रखने वाला है। अकाली दल हमेशा किसानों के हितों की बात करता आया है।’

बता दें कि शिरोमणि अकाली दल शुरू से इस विदेयक का विरोध कर रहा है। अकाली दल नेता और सांसद सुखबीर सिंह बादल ने बिल का विरोध किया था। उन्होंने संसद से ही ऐलान कर दिया कि हरसिमरत कौर बादल मंत्रीपद से इस्तीफा देंगी। हालांकि, शिरोमणि अकाली दल का सरकार को समर्थन जारी रहेगा। विपक्ष की ओर से मुख्य आरोप था कि यह विधेयक एमएसपी को खत्म करने का पहला कदम है।

किसान बिल पर तेजश्वी ने किया सरकार पर वार

बिहार के दिग्गज नेता और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष तेजश्वी यादव ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं शुरू से कहता आया हूं कि NDA की सरकार किसान, मज़दूर, गरीब विरोधी सरकार है। ये लोग विरोधी कानून को जबरदस्ती थोपना चाहते हैं। ये कानून पूरी तरीके से किसान विरोधी कानून है जिससे किसानों को लगातार नुकसान होगा और इसका प्रभाव हमारे देश पर पड़ेगा।

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