Wednesday , September 28 2022

चुनावी पहल: बीएलओ की मनमानी रोकने को लेकर शासन ने उठाया यह कदम

प्रतापगढ़: उत्तर प्रदेश में होने वाले उप-चुनाव और पंचायत चुनावों के लिए चुनाव आयोग के साथ-साथ प्रयागराज जिला प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के चलते प्रतापगढ़ में मतदाता पुनरीक्षण का सत्यापन पारदर्शी तरीके से होगा। इसके लिए शासन ने नया प्रयोग किया है। ई-बीएलओ मोबाइल एप पर बीएलओ को सप्ताह भर की रिपोर्ट सबमिट करनी होगी। सत्यापन में कितने नाम बढ़ाए गए, संशोधन किया गया और नाम काटा गया, इसका पूरा विवरण सप्ताह भर में एक बार भरना होगा। तभी माना जाएगा कि सत्यापन पारदर्शी तरीके से हो रहा है और बीएलओ पूरी ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं।

पंचायत चुनाव को लेकर प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने की तैयारी

प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने सारी तैयारियां शुरू कर दी है। बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन कर रहें हैं। जिन लोगों की मौत हो चुकी है, उनका नाम मतदाता सूची से बाहर किया जाएगा, जिनकी उम्र 18 साल से ऊपर है, उनका नाम सूची में शामिल किया जाएगा। जिनका नाम गड़बड़ है, उसे संशोधन किया जाएगा। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) एसके बरनवाल ने बताया कि मतदाता पुनरीक्षण का सत्यापन जोरों से चल रहा है। उनको सत्यापन की पूरी रिपोर्ट एप पर सम्मिट करनी होगी। सत्यापन में पारदर्शिता लाने के लिए शासन ने यह प्रयोग किया है।

इस क्रम में होगा सत्यापन

-ग्राम पंचायत के आंशिक भाग के गांव व नगर में समाहित होने की स्थिति में विलोपन की कार्रवाई-एक अक्टूबर से 12 नवंबर तक।

-बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना और सर्वेक्षण करने की अवधि-एक अक्टूबर से 12 नवंबर तक।

-ऑनलाइन आवेदन करने की अवधि-एक अक्टूबर से पांच नवंबर तक।

-ऑनलाइन प्राप्त आवेदन पत्रों की घर-घर जाकर जांच करने की अवधि-छह नवंबर से 12 नवंबर तक।

-ड्राफ्ट नामावलियों की कंप्यूटरीकृत पांडुलिपि तैयार करना-13 नवंबर से पांच दिसंबर तक।

-ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन-छह दिसंबर तक।

-ड्राफ्ट के रूप में प्रकाशित निर्वाचक नामावली का निरीक्षण-छह दिसंबर से 12 दिसंबर तक।

-दावे एवं आपत्तियों निस्तारण-13 दिसंबर से 19 दिसंबर तक।

-निर्वाचक नामावलियों का जनसामान्य के लिए अंतिम प्रकाशन-29 दिसंबर तक।

Leave a Reply