Friday , October 7 2022

BJP के संभाजीराजे की एकतरफा जीत पर पड़ेगा असर?

मुंबई। शिवसेना के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के मंत्री अनिल परब ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी आगामी राज्यसभा चुनाव में दूसरा उम्मीदवार उतारेगी। शिवसेना का यह कदम संभाजीराजे छत्रपति की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। परब ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सत्तारूढ़ महा विकास आघाड़ी गठबंधन के घटक दल शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के नेता एक साथ बैठेंगे और चुनाव की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘एमवीए का (दूसरा) उम्मीदवार शिवसेना के कोटे से होगा और उस उम्मीदवार का निर्वाचन कैसे सुनिश्चित किया जाए, इस बारे में नेता रणनीति तय करेंगे। लेकिन मुझे विश्वास है कि शिवसेना का दूसरा उम्मीदवार चुना जाएगा।’’

महाराष्ट्र से छह राज्यसभा सदस्यों – पीयूष गोयल, विनय सहस्त्रबुद्धे और विकास महात्मे (तीनों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से), पी चिदंबरम (कांग्रेस), प्रफुल्ल पटेल (राकांपा) और संजय राउत (शिवसेना) का कार्यकाल चार जुलाई को समाप्त हो रहा है। चारों दलों ने अब तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। कोल्हापुर शाही परिवार के सदस्य और छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज संभाजीराजे पहले संसद के उच्च सदन के राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य थे।

उन्होंने हाल में घोषणा की कि वह एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए अगला चुनाव लड़ेंगे और सभी दलों से उनका समर्थन करने की अपील की। संभाजीराजे पहले भाजपा से जुड़े थे। राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी संभाजीराजे की उम्मीदवारी का समर्थन कर सकती है, लेकिन अगर उन्हें एमवीए के अन्य दो घटकों के वोट नहीं मिलते हैं, तो उनका चुनाव मुश्किल हो सकता है।