Sunday , June 26 2022
केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान घर को बनाएंगे लाइब्रेरी, मुजफ्फरनगर में पैतृक घर से करेंगे शुरुआत
केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान घर को बनाएंगे लाइब्रेरी, मुजफ्फरनगर में पैतृक घर से करेंगे शुरुआत

केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान घर को बनाएंगे लाइब्रेरी, मुजफ्फरनगर में पैतृक घर से करेंगे शुरुआत

मुजफ्फरनगर। केंद्रीय पशुपालन, डेयरी और मत्स्य राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने लाइब्रेरी खोलने का निर्णय किया है। वह मुजफ्फरनगर में अपने पैतृक गांव कुटबी के घर को लाइब्रेरी में बदलने जा रहे हैं, जिसमें भारतीय और विदेशी साहित्य, इतिहास और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए जरूरी किताबों की व्यवस्था की जाएगी। कंप्यूटर से लैस इस लाइब्रेरी से युवा विभिन्न प्रतियोगी और अन्य परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन फार्म भी भर सकेंगे। जिले में ऐसी 100 लाइब्रेरी का लक्ष्य रखा गया है, जिनका बाद में ग्राम पंचायतों को चलाने के लिए सौंप दिया जाएगा।
डॉ. संजीव बालियान कहते हैं कि ज्ञान ही पूंजी है। ये ऐसी कुंजी भी है, जिससे प्रत्येक क्षेत्र में तरक्की का ताला खुलता है। मगर, किताबों के प्रति घटता मोह और अभावग्रस्त बच्चों के लिए उनकी उपलब्धता कम होने से मुश्किल पैदा हो रही हैं। ऐसे माहौल में जरूरी है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा वर्ग को उपयोगी किताबों की समय पर उपलब्धता रहे। कहते हैं कि डिजिटल दौर में चीजें आसान हुई हैं, जीवन सुविधामय हुआ। मगर, सही ज्ञान किताबों से ही मिल सकता है। इसलिए आधुनिक ज्ञान के स्रोत के साथ सीधे किताबों से जुड़ना आवश्यक है। इसके लिए पढ़ने की आदत डालना और उसे कायम रखने के लिए लाइब्रेरी महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। गांव में पढ़ाई-लिखाई का माहौल कायम रहेगा, तो समाज की तस्वीर भी अलग ही रहेगी। किताबें आर्थिक, सामाजिक और मानसिक उन्नयन का मार्ग बनाती हैं।
राज्यमंत्री ने बताया कि वह अपने इस संकल्प की शुरुआत पैतृक गांव कुटबी के अपने घर से करेंगे। वह घर के एक हिस्से में लाइब्रेरी संचालित कराएंगे। जहां पढ़ने के लिए किताबों की व्यवस्था, कंप्यूटर, इंटरनेट, पानी बिजली एवं पढ़ाई के लिए आवश्यक वातावरण बनाने की कोशिश की जाएगी। कहते हैं कि इसी माडल पर वह जिले के अन्य कम से कम 100 गांवों में लाइब्रेरी बनवाएंगे। इनका चालन ग्राम पंचायत या किसी भी जिम्मेदार संस्थाओं को सौंपा जाएगा।
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने बताया कि लाइब्रेरी स्थापना और उनके संचालन के लिए उन्होंने कुछ एनजीओ से भी मदद मांगी है। जिले के ऐसे काफी लोग हैं, जो उनका संकल्प पूरा कराने में मदद के लिए तैयार हैं। विभिन्न क्षेत्रों के कई सफल व्यक्तियों की मदद भी लाइब्रेरी संचालन तथा प्रबंधन के मामले में ली जाएगी। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य एक वर्ष में अपने संकल्प को पूरा करने का है। वह ऐसे लोगों से संपर्क कर रहे हैं, जिनके गांव में उनके निवास या तो खाली हैं या फिर उनमें लाइब्रेरी स्थापना को आवश्यक जगह उपलब्ध हो सके।