Friday , October 7 2022
UP : पॉलीटेक्निक की संयुक्त प्रवेश परीक्षा स्थगित
UP : पॉलीटेक्निक की संयुक्त प्रवेश परीक्षा स्थगित

UP : पॉलीटेक्निक की संयुक्त प्रवेश परीक्षा स्थगित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा और काउंसिलिंग कार्यक्रम अब बदले शिड्यूल पर होंगे। प्रवेश परीक्षा के लिए रविवार से एडमिट कार्ड ऑनलाइन जारी होने थे, लेकिन शिड्यूल बदलने की वजह से एडमिट कार्ड जारी नहीं हुआ और न ही परीक्षा केंद्र तय हुए। परिणामस्वरूप 6 से 12 जून तक होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा स्थगित कर दी गई।
दरअसल इस ऑनलाइन परीक्षा को कराने के लिए एजेंसी के साथ हुए विवाद के चलते परीक्षा शिड्यूल को बदला जा रहा है। अब दोबारा टेंडर कर नई एजेंसी चयनित कर ली गई है। परिषद के प्रभारी सचिव राम रतन ने बताया कि सोमवार को नया कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा।
पॉलीटेक्निक में दाखिले के लिए छात्रों के गत वर्ष से भी कम आवेदन प्राप्त हुए हैं। 15 फरवरी से आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई थी। आवेदन कम होने के चलते पहले अंतिम तिथि को 17 अप्रैल से 30 अप्रैल फिर पांच मई तक बढ़ाया गया। बावजूद इसके कुल 2,67,139 आवेदन ही प्राप्त हुए। जबकि गत वर्ष 3,02,066 आवेदन प्राप्त हुए थे। प्रदेश में पॉलीटेक्निक संस्थानों में कुल 2,28,527 सीटें हैं।
संयुक्त प्रवेष परीक्षा (पालीटेक्निक) के सचिव रामरतन ने बताया कि प्रवेश परीक्षा-2022 के लिए 15 फरवरी से ऑनलाइन माध्यम से आवेदन लिए गए थे। पहले परीक्षाएं 06 जून से 10 जून 2022 के बीच होनी थीं। परीक्षा कराने वाली एजेंसी के फाइनल न होने के कारण परीक्षाएं प्रभावित हुईं। प्रयास रहेगा की 30 जून के पहले परीक्षा करा ली जाए।
परीक्षा ऑनलाइन माध्यम में ही कराई जाएंगी। रामरतन ने बताया कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2022 के लिए जोन एवं केन्द्रों का निर्धारण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए संस्थाओं के प्रधानाचार्यों से संस्था कार्मिकों की सूची मांगी गई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को परीक्षा के संबंध में बैठक होनी संभावित है। पूर्व के परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया जाएगा।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की ओर से यह पहली बार नहीं पूर्व में भी तमाम लापरवाही उजागर हुई है। एक बार भी वैसा ही कुछ हुआ। अभ्यर्थियों से पहले ही आवेदन मना लिया गया जबकि परीक्षा कराने वाली एजेंसी का अता पता तक नहीं था। ऐसे में परिषद के अधिकारियों की शिथिल कार्यशैली का खामियाजा कबीर भर्ती बच्चों को उठाना पड़ रहा है।