Tuesday , September 27 2022
ज्ञानवापी सर्वे का वीडियो लीक, CBI जांच कराने की मांग
ज्ञानवापी सर्वे का वीडियो लीक, CBI जांच कराने की मांग

ज्ञानवापी सर्वे का वीडियो लीक, CBI जांच कराने की मांग

वाराणसी। ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के फोटो-वीडियो लीक होने के बाद विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन और अधिवक्ता शिवम गौड़ ने नाराजगी जताई है। अधिवक्ता शिवम गौड़ ने पूरे प्रकरण की CBI जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के दौरान 16 मई को जो लोग भी वहां मौजूद थे, उन सभी की कॉल डिटेल खंगाली जाए। प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच हो। इसके बाद वीडियो-फोटो सार्वजनिक करने वाले के खिलाफ साक्ष्य के आधार पर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिवम गौड़ ने बताया कि आज वह और जितेंद्र सिंह विसेन पुलिस-प्रशासन के आलाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। मांग करेंगे कि ज्ञानवापी से संबंधित वीडियो-फोटो लीक करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ हर हाल में कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। फोटो-वीडियो लीक करके देश का माहौल खराब करने और शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास किया गया है।
अधिवक्ता शिवम गौड़ ने कहा कि मां शृंगार गौरी प्रकरण की मुख्य वादिनी राखी सिंह हैं। वह फिलहाल बनारस में नहीं हैं। ज्ञानवापी परिसर से संबंधित फोटो-वीडियो राखी सिंह ने अभी तक नहीं ली हैं। चार अन्य वादिनी सीता साहू, मंजू व्यास, रेखा पाठक और लक्ष्मी देवी ने ही अदालत से वीडियो-फोटो की सीडी ली है। वीडियो-फोटो का लीक होना बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि वह मुकदमे से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं। अदालत ने भी कहा था कि सर्वे के वीडियो-फोटो पब्लिक डोमेन में नहीं आने चाहिए। इसलिए फोटो-वीडियो को लीक कर अदालत के आदेश की अवहेलना की गई है। उच्च स्तरीय जांच के बिना कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पाएगा और दोषी हर हाल में दंडित होने चाहिए।
जितेंद्र सिंह विसेन ने कहा कि हमने पहले ही आशंका जताई थी कि ज्ञानवापी परिसर से संबंधित वीडियो-फोटो लीक हो सकती है। हमने प्रशासन से मांग भी की थी कि ऐसा करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई हो। अदालत में दाखिल मुकदमे की सुनवाई से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य को सार्वजनिक करना कहीं से भी उचित नहीं है। यह अदालत के आदेश की अवहेलना है।
कुछ ऐसे विरोधी लोग हैं जो देश में शांति नहीं चाहते हैं। कुछ लोग गद्दार भी हैं जो बिके हुए हैं और अशांति फैलाने का प्रयास करने वालों का सहयोग कर रहे हैं। माहौल खराब होने पर विडियो वायरल करने वाले लोग जिम्मेदार होंगे। हमारी मांग है कि वीडियो-फोटो जिन्होंने भी लीक किया है, वह बचने न पाएं और उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।