Wednesday , September 28 2022
Video : समुद्र के अंदर दिखी पीली ईंट से बनी सड़क
Video : समुद्र के अंदर दिखी पीली ईंट से बनी सड़क

Video : समुद्र के अंदर दिखी पीली ईंट से बनी सड़क

नई दिल्ली। हवाईयन आईलैंड्स के उत्तर में शोधकर्ताओं की एक टीम को पिछले महीने प्रशांत महासागर के तल में ‘पीली ईंट से बनी सड़क’ मिली। इस अभियान का वीडियो जारी किया गया है जिसमें दिख रही सड़क कॉबलस्टोन्स की बनी हुई लग रही है। वीडियो में शोधकर्ताओं में से एक इसे ‘अटलांटिस जाने वाला मार्ग’ कहता सुनाई दे रहा है।
समुद्र अपने आप में कई रहस्यों को समेटे हुए है। समुद्र के अंदर बहुत सी जगहें ऐसी हैं, जहां आज तक इंसान पहुंच ही नहीं पाया और ना ही इस बात का कोई अंदाजा है कि वहां पर क्या चीज है? अब वैज्ञानिकों को समुद्र के अंदर पीली ईंटें मिली हैं, जिनको देखने पर ऐसा लग रहा कि समुद्र के अंदर जैसे कोई रास्ता बना हो। इसके वीडियो को देखने के बाद लोगों ने इसे दूसरी दुनिया का रास्ता बता दिया।
दरअसल एक्सप्लोरेशन वेसल नॉटिलस का चालक दल समुद्र के अंदर खोजबीन कर रहा था। इसी दौरान अमेरिका के पापहानामोकुकेया समुद्री राष्ट्रीय स्मारक में लिलिउओकलानी रिज नामक क्षेत्र में उनको कुछ अजीब दिखा, जब वो उसके पास पहुंचे तो हैरान रह गए। वहां पर एक सड़क दिख रही थी। ये बिल्कुल वैसी ही थी जैसे जमीन पर बनाई जाती है। अब सवाल ये उठ रहा था कि इस सड़क को किसने बनाया।
समुद्री वैज्ञानिकों के मुताबिक लिलिसुओकलानी रिज सबसे बड़े समुद्री संरक्षण वाले क्षेत्रों में से एक है। अभी सिर्फ इसके 3 प्रतिशत हिस्से तक ही इंसान पहुंच पाए हैं, ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये कितना बड़ा होगा। वैज्ञानिक ने सड़क जैसी संरचना के सैंपल भी लिए हैं, जिस पर रिसर्च जारी है।
वहीं इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सड़क जैसी संरचना को देख लोग इसे दूसरी दुनिया का रास्ता कहने लगे। एक शख्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि ये सड़क पानी के अंदर रहने वालों ने बनाई होगी, ताकि वो आराम से आ जा सकें। एक दूसरे शख्स ने लिखा कि सड़क को फॉलो करो, हो सकता है आगे उनकी कॉलोनी भी मिल जाए।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक समुद्र के अंदर ईंटों की तरह के ब्लॉक्स दिख रहे हैं, लेकिन ये ईंटें नहीं बल्कि सूखी हुई झील की तलहटी हो सकती है। इसके अलावा ये ज्वालामुखी के फटने के बाद बनी भौगोलिक संरचना हो सकती है। संभावना है कि ज्यादा तापमान की वजह से रेत ने वैसा आकार ले लिया हो। हालांकि इस पर अभी भी काफी शोध की जरूरत है।