Wednesday , July 6 2022

नहीं रहे रंगकर्मी विलायत जाफरी, मुंबई में ली अंतिम सांस

लखनऊ: मशहूर रंगकर्मी विलायत जाफरी का सोमवार को मुंबई में निधन हो गया. वे 85 साल के थे. वे शुरूआत से ही दूरदर्शन से जुड़े रहे. लाइट ऐंड साउंड प्रोग्राम का उन्हें जनक माना जाता है. वे कहानीकार, नाट्य लेखक, निर्देशक और दूरदर्शन के पूर्व निदेशक भी रहे. कुछ समय पहले उन्हें कोरोना से संक्रमित होने के कारण मुंबई के हीरा नंदानी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. वे कोरोना को मात देकर घर भी लौट आए थे, पर उनका स्वास्थ्य ख़राब होता गया उनके निधन की खबर से लखनऊ में रहने वाले उनके कद्रदानों में शोक छा गया है.

कुछ दिन पहले हुआ था कोरोना

इस बार कोरोना की वजह से हम विलायत जाफरी साहब के घर सिवइयां खाने नहीं जा पाए. उनसे फोन पर वार्ता भी हुई थी. वह भी कह रहे थे हम भी आप सभी को याद कर रहे हैं. उनका जाना रंगमंच की शख्सियत में बहुत बड़ा नुकसान है. जो शायद ही कभी पूर्ति हो पाए.

मशहूर लाइट एंड साउंड प्रोग्राम के चर्चित कार्यक्रम

विलायत जाफरी आकाशवाणी के डायरेक्टर और दूरदर्शन में डायरेक्टर उसके बाद डिप्टी डायरेक्टर जनरल की जिम्मेदारी संभाली. 1969 में विलायत जाफरी ने हजारों देखने वालों के सामने हिंदुस्तान का पहला लाइट एंड साउंड प्रोग्राम जलियांवाला बाग के हादसे पर विजन 1919 के नाम से पेश किया. लखनऊ में बेलीगारद में जो प्रोग्राम बढ़ते कदम के नाम से उन्होंने प्रस्तुत किया, इसकी कामयाबी का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि वह लगातार पांच महीनों से ज्यादा पेश किया जाता रहा है. लुत्फ यह कि हर रात दो शो होते थे. उन्होंने पुराना किला दिल्ली-1971, बढ़ते कदम लखनऊ एवं भरत के दूसरे भागों में 1974, बहादुरशाह जफर, हुमायूं मकबरा दिल्ली-1976, गालिब जहाज महल, महरौली दिल्ली-1978, अनारकली चंडीगढ़-1980 और इस तरह के 22 कार्यक्रम पूरे भारत भर में चर्चा में रहे.

मशहूर रंगकर्मी विलायत जाफरी का जन्म

मशहूर विलायत जाफरी का जन्म उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में दो अक्टूबर 1935 को हुआ था. उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से शिक्षा ली थी. वे 1986 में पहली बार लखनऊ आकाशवाणी केंद्र के निदेशक बने, उसके बाद 1988 में दूरदर्शन केंद्र लखनऊ के निदेशक रहे. विलायत जाफरी का लखनऊ से खासा जुड़ाव और लगाव रहा. उन्होंने दूरदर्शन में अपने कार्यकाल के दौरान प्रायोजिक धारावाहिकों की शुरूआत की थी. नीम का पेड़ धारावाहिक उनके कार्यकाल में काफी लोकप्रिय हुआ था. बताया जा रहा है कि उनका जनाजा मुंबई से रायबरेली लाया जाएगा. रायबरेली में उनके खानदानी कब्रिस्तान में मंगलवार को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.

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