Thursday , October 6 2022
यहां देखिए योगी सरकार 2.0 का पहला बजट, जानिए किसे क्या मिला ?
यहां देखिए योगी सरकार 2.0 का पहला बजट, जानिए किसे क्या मिला ?

यहां देखिए योगी सरकार 2.0 का पहला बजट, जानिए किसे क्या मिला ?

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। यूपी विधानसभा का बजट सत्र 23 मई को शुरू हुआ था और वित्तमंत्री के तौर पर ये सुरेश खन्ना का छठा बजट है। इस बजट में वित्तमंत्री ने चुनावी वादों पर फोकस किया। साथ ही उन्होंने योगी सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जमकर तारीफ की। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल इस बजट को सिर्फ जुमला बता रहे हैं। इस बार यूपी का बजट करीब 6 लाख 15 हजार करोड़ रुपए का है।

सुरेश खन्ना ने कहा कि खरीफ वर्ष 2021-2022 में 4,656 स्थापित क्रय केन्द्रों के माध्यम से 11 लाख से अधिक किसानों से 65 लाख 53 हजार मीट्रिक टन धान खरीद की गई, जिसके सापेक्ष किसानों के खातों में ई-पेमेंट के माध्यम से ₹12,485 करोड़ का सीधे भुगतान किया जा चुका है।
कृषि उत्पादन में गुणवत्तायुक्त बीजों का सर्वाधिक महत्व है। इसलिये वर्ष 2021-2022 में 60.10 लाख कुंतल बीजों का वितरण किया गया है। वर्ष 2022-2023 में 60.20 लाख कुंतल बीजों का वितरण किया जाना प्रस्तावित है। प्रदेश में 34,307 राजकीय नलकूपों तथा 252 लघु नहरों द्वारा किसानों को मुफ्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना हेतु ₹1,000 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। कृषकों को सिंचाई हेतु डीजल विद्युत के स्थान पर वैकल्पिक ऊर्जा प्रबंधन के अंतर्गत प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना के अंतर्गत कृषकों के प्रक्षेत्रों पर सोलर पम्पों की स्थापना कराई जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। वर्ष 2021-2022 में 99.80 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया गया है। वर्ष 2022-2023 में 119.30 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य है। पुलिस के आवासीय भवनों के लिये ₹800 करोड़, अनावासीय भवनों के लिये ₹800 करोड़, नवसृजित जनपदों में पुलिस के आवासीय/अनावासीय भवनों हेतु ₹300 करोड़ तथा नवसृजित जनपदों में पुलिस लाइंस के निर्माण के लिए भूमि क्रय हेतु ₹65.70 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। सेफ सिटी योजना के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा के लिए लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज में योजना लागू किए जाने हेतु ₹523.34 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। कृषि उत्पादन में गुणवत्तायुक्त बीजों का सर्वाधिक महत्व है। वर्ष 2022-2023 में 60.20 लाख कुंतल बीजों का वितरण किया जाना प्रस्तावित है। पुलिस इमरजेंसी प्रबन्ध प्रणाली के अंतर्गत UP 112 योजना के द्वितीय चरण को वित्तीय वर्ष 2022-2023 में प्रारंभ किया जाना है। इसके सुदृढीकरण हेतु ₹730.88 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने का लक्ष्य लेकर हमारी UP Govt. कार्य कर रही ।

आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ATS सेंटर देवबंद का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे शीघ्र पूर्ण किया जाएगा तथा मेरठ, बहराइच, कानपुर, आजमगढ़ व रामपुर में ATS सेंटर का निर्माण कराया जाएगा। मेट्रो रेल, धार्मिक स्थलों (अयोध्या, काशी, मथुरा), ऐतिहासिक स्थल ताजमहल, हवाई अड्डों, बैंकों, अन्य वित्तीय संस्थानों आदि की उत्तम संरक्षा तथा सुरक्षा हेतु उप्र विशेष सुरक्षा बल का गठन किया गया है, जिसके लिए ₹276.66 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। एंटी भू- माफिया अभियान के अन्तर्गत 64 हजार 399 हेक्टेयर भूमि अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई। 2,471 अतिक्रमणकर्ताओं को भू-माफिया के रूप में चिह्नित किया गया है। वर्तमान में 186 भू-माफिया जेल में निरुद्ध हैं तथा 4,274 अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। सौभाग्य योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 01 करोड़ 41 लाख मुफ्त विद्युत कनेक्शन दिए गए। सरकार की अपराध एवं अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के अनुरूप प्रदेश की कानून व्यवस्था अधिक मजबूत बन रही है। प्रदेश स्तर पर 50 चिह्नित माफिया व इनके गैंग के सदस्यों/सहयोगियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही कराई जा रही है। पिछले 05 वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 42 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत 02 करोड़ 61 लाख शौचालयों का निर्माण कराकर यूपी देश में प्रथम स्थान पर है।
योजनान्तर्गत प्रदेश के लगभग 15 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। यह देश का विशालतम खाद्यान्न वितरण कार्यक्रम है जिसका विस्तार अप्रैल, 2022 से जून, 2022 तक कर दिया गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत प्रदेश की 1.67 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देने वाला उत्तर प्रदेश, देश का पहला प्रदेश बना। प्रदेश के 15 करोड़ निर्धन व्यक्तियों को मुफ्त अनाज तथा 03 करोड़ मजदूरों को मार्च, 2022 तक ₹500 प्रतिमाह का भत्ता और 98 लाख नागरिकों को ₹1,000 प्रतिमाह का भत्ता दिया गया। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत 3.58 करोड़ अन्त्योदय व पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को निःशुल्क खाद्यान्न के साथ-साथ आयोडाइज्ड नमक, साबुन, चना एवं खाद्य तेल दिसम्बर 2021 से मार्च, 2022 तक निःशुल्क वितरित कराया, जिस पर लगभग ₹4,801 करोड़ व्यय हुआ। इस वितरण कार्य पर लगभग ₹4,801 करोड़ व्यय हुआ। इस योजना से प्रदेश के लगभग 15 करोड़ लोग लाभान्वित हुए।
यह देश का विशालतम खाद्यान्न वितरण कार्यक्रम है, जिसका विस्तार अप्रैल, 2022 से जून, 2022 तक कर दिया गया है। वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के अन्तर्गत प्रदेश में राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी की सुविधा मई, 2020 से लागू है। जिसके अन्तर्गत उत्तर प्रदेश के कार्डधारक अन्य राज्यों की किसी भी उचित दर की दुकान से खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं। इंवेस्टर्स समिट -2018 के आयोजन से प्राप्त ₹4.68 लाख करोड़ तक के निवेश प्रस्तावों में से लगभग ₹03 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों का कार्यान्वयन विभिन्न चरणों में है। यह हर्ष का विषय है कि उत्तर प्रदेश एक उत्कृष्ट निवेश डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। इस दिशा में प्रदेश सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ रैंकिंग में अभूतपूर्व प्रगति करते हुए देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश के सभी जनपदों के उत्पादों एवं पारम्परिक शिल्पों के समग्र विकास हेतु संचालित UP ODOP के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश से होने वाला निर्यात ₹88,000 करोड़ से बढ़कर ₹1.56 लाख करोड़ हो गया है। उत्तर प्रदेश 05 एक्सप्रेस-वे वाला देश का पहला प्रदेश बन गया है। लखनऊ एवं वाराणसी में वर्तमान अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डों तथा कुशीनगर में नवीन अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ ही जेवर और अयोध्या में अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ उत्तर प्रदेश शीघ्र ही 05 अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला देश का पहला प्रदेश बन जाएगा। आगामी 03 जून को इन्वेस्टर्स समिट की तीसरी ग्राऊंड ब्रेकिंग सेरेमनी में प्राप्त होने वाले ₹75 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जाएगा। हमने इन्वेस्टर्स समिट-2018 का आयोजन कराया, जिसमें प्राप्त ₹4.68 लाख करोड़ तक के निवेश प्रस्तावों में से लगभग ₹03 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों का कार्यान्वयन विभिन्न चरणों में है। इन निवेशों से 05 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से किसानों को ₹6,000 वार्षिक आर्थिक सहायता दिलाने में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। गन्ना मूल्य भुगतान में प्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर है। सत्र 2017-2018 से 2021-2022 तक के सापेक्ष 16 मई, 2022 तक ₹1,72,745 करोड़ के गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जो एक कीर्तिमान है। यह धनराशि वर्ष 2012 से 2017 के मध्य हुए गन्ना मूल्य भुगतान से ₹77,500 करोड़ से अधिक है।
वर्ष 2020-21 में ₹7085 करोड़ 59 लाख का अल्पकालिक ऋण किसानों को वितरित किया जा चुका है, जिससे 17.99 लाख किसान लाभान्वित हुए। वर्ष 2021-2022 में लगभग ₹7,539 करोड़ 81 लाख का ऋण वितरण किया जा चुका है, जिससे 18.61 लाख किसान लाभान्वित हुए। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने हेतु प्रदेश में 5,608 क्रय केन्द्र स्थापित कर 25 अप्रैल, 2022 तक लगभग 94 हजार मीट्रिक टन गेहूं का क्रय किया गया।

प्रदेश सरकार द्वारा अधिकाधिक सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों की स्थापना हेतु प्रोत्साहनात्मक वातावरण का सृजन किया गया है जिसके फलस्वरूप वित्तीय वर्ष 2021-22 में लगभग 3 लाख 97 हजार 028 उद्यम पंजीकृत हुये जिसमें 27 लाख 84 हजार 117 रोजगार का सृजन हुआ। प्रदेश की 54,876 ग्राम पंचायतों में स्थापित ग्राम सचिवालयों के सुचारू संचालन हेतु 56,436 पंचायत सहायक / लेखाकार सह डाटा एण्ट्री ऑपरेटर्स का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मुख्य मंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में 5000 इकाईयों को स्थापित कराया गया तथा 4187 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। मुख्य मंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत वर्ष 2022-2023 में 800 इकाईयों की स्थापना कराकर 16000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य है। माध्यमिक शिक्षा में शिक्षक चयन में साक्षात्कार समाप्त कर 40,402 शिक्षकों का चयन एवं 7540 पदों का सृजन किया गया है।
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में रोजगार सृजन की अपार सम्भावनाएं है । लगभग 3000 नर्सों को राजकीय मेडिकल कॉलेजों/अस्पतालों में नियुक्ति दी गयी तथा लगभग 10,000 सृजित किये गये हैं जो आगामी वर्षों में भरे जाएंगे। प्रदेश में निजी निवेश के माध्यम से 01 करोड़ 81 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया। 60 लाख से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया । निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से विगत 05 वर्षों में युवाओं को 4.50 लाख सरकारी नौकरियों में लिया गया। वित्त मंत्री ने कहा, बताते हुए हर्ष हो रहा कि जहाँ जून, 2016 में प्रदेश में बेरोजगारी की दर 18 प्रतिशत थी, यहीं अप्रैल , 2022 में यह घट कर 2.9 प्रतिशत रह गयी है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा विगत 5 वर्षों में 9.25 लाख से अधिक युवाओं को विभिन्न प्रकार के अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रशिक्षित करते हुये प्रमाणीकृत किया गया। जिनमें 4.22 लाख युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कम्पनियों में सेवायोजित कराया गया है।
वन ट्रिलियन डॉलर इकोनामी योजना के क्रम में छात्र-छात्राओं को अधिक रोजगार तथा नई टेक्नोलॉजी आधारित उद्योग से जोड़ा जाएगा। इसके लिए 4 नए पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। इसमें डाटा साइंस और मशीन लर्निंग, इंण्टरनेट ऑफ थिंग्स साइबर सेक्यूरिटी और ड्रोन टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग दी जाएगी। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा 2022-23 में लगभग 2 लाख युवाओं का रजिस्ट्रेशन करके उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी।
सुरेश खन्ना ने बताया कि स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-2023 के लिये 1500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2020 के तहत अगले पांच साल में कम से कम एक तथा कुल 100 इन्क्यूबेटर्स और 10,000 स्टार्टअप्स की स्थापना की जाएगी। वित्त मंत्री ने बताया कि अब तक 47 इन्क्यूबेटर्स कार्यरत हैं तथा 5600 से अधिक स्टार्टअप्स रजिस्टर हो गए हैं। महिलायों के कौशल विकास योजना के लिए 20 करोड़ रुपए प्रस्तावित है।

बजट पेश करते वक्त सुरेश खन्ना ने कहा था, युवा शक्ति एवं ऊर्जा समाज के विकास का सशक्त वाहक है। प्रदेश के युवाओं के कौशल को निखारना हमारी प्राथमिकता है ताकि वह रोजगार पा सके। सरकार के मुताबिक 2020-21 में करियर काउंसलिंग के 943 कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें 52 हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया। इसे आगे और बढ़ाया जाएगा।
नेशनल कैरियर सर्विस प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मॉडल कैरियर सेंटर बनाने की योजना का ऐलान किया गया। हालांकि इसके लिए बजट की बात नहीं कही गई। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत पिछले 4 साल में 7 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया गया। इसमें 3 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार दिया गया। सरकार ने अपने बजट में किसी भर्ती का कोई जिक्र नहीं किया। यह काम उन्होंने विभागों पर छोड़ दिया।

सुरेश खन्ना ने महिला श्रमिकों को विभिन्न रोजगार में समान अवसर, काम के घंटे, नए रोजगार और पुरुषों के बराबर वेतन के लिए एक सलाहकार समिति का गठन करने का ऐलान किया। मजदूरों की आर्थिक सुरक्षा एवं उनके विकास के लिए उत्तर प्रदेश कामगार एवं श्रमिक आयोग का गठन करने का ऐलान किया।
मजदूरों को सीधे रोजगार देने के बजाय सरकार ने मदद के लिए ऐलान किया। मुख्यमंत्री प्रवासी श्रमिक उद्यमिता विकास योजना के तहत 100 करोड़ रुपए के बजट की व्यवस्था की गई। पल्लेदार, श्रमिक परिवार और असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना का ऐलान किया गया। इसके लिए 12 करोड़ रुपए की घोषणा हुई।

49 निर्माणाधीन राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज जल्द शुरू किए जाएंगे। इन्हें आने वाले समय में पीपीपी मोड में संचालित किया जाता है। प्रदेश में 4 राजकीय आईटीआई संस्थान को मॉडल आईटीआई संस्थान के रूप में विकसित करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। सुरेश खन्ना ने ऐलान किया कि अगले पांच साल में 2 करोड़ युवाओं को मुफ्त टैबलेट और स्मॉर्ट फोन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में 12 लाख छात्रों को स्मॉर्ट फोन और टैबलेट दिए गए थे।
युवा वकीलों को कार्य के शुरूआती 03 वर्षों के लिए किताब एवं पत्रिका क्रय करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के लिये 10 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2022-2023 के लिये 1500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से 25 दिसम्बर 2021 से निःशुल्क टैबलेट/स्मार्टफोन वितरण योजना प्रारम्भ की गई है। यूपी सरकार ने 2021-22 के लिए शिक्षा क्षेत्र में 93,224 करोड़ रुपए के बजट की घोषणा की थी। हालांकि, 2020-21 के बजट के मुकाबले इसमें 5 हजार 223 करोड़ रुपए की कटौती कर दी गई थी।

पिछले बजट में 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं के लिए मुफ्त यूनिफॉर्म, जूता, मोजा और स्वेटर उपलब्ध करवाए जाने के लिए 340 करोड़ का ऐलान किया गया था। छात्रों के अभिभावकों के खाते में 1100-1100 रुपए भेज दिए गए थे। यह पहला मौका था जब पैसे भेजे गए थे। स्कूल बैग के लिए 110 करोड़ रुपए अतिरिक्त जारी किए गए थे। मैनपुरी, झांसी और अमेठी में बन रहे सैनिक स्कूल और गोरखपुर में एक नया सैनिक स्कूल खोलने के लिए 90 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया था। सरकारी सहायता प्राप्त प्राइवेट विद्यालयों के विकास के लिए 200 करोड़ रुपए बजट में प्रस्तावित थे। प्रदेश के राजकीय इंटर कॉलेजों के विकास के लिए 100 करोड़ और राजकी महाविद्यालयों में भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपए के बजट की व्यवस्था की गई। पिछले बजट में अमेठी, बलरामपुर में मेडिकल कॉलेज के लिए 175 करोड़ रुपए जारी किए गए। 13 जिले जिसमें गोण्डा, बिजनौर, सुल्तानपुर, कुशीनगर, लखीमपुर-खीरी, चंदौली, सोनभद्र, बुलंदशहर, औरैया, कानपुर देहात, पीलीभीत और कौशांबी शामिल हैं। यह बन रहे मेडिकल कॉलेज या फिर नए कॉलेज के निर्माण के लिए 1,950 करोड़ रुपए का बजट जारी हुआ। प्रतापगढ़, एटा, हरदोई, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर में 2021 से शिक्षण सत्र शुरू हुआ। इसके लिए 960 करोड़ रुपए जारी किए गए। अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को निशुल्क खाद्यान्न, साबुत चान, रीफाइंड सोयाबीन ऑयल और आयोडाइंड नमक के साथ ही प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत लाभार्थियों को 2 निशुल्क एलपीजी सिलेंडर रीफिल वितरण के लिए 6571 करोड़ 13 लाख रुपये की व्यवस्था। वाराणसी और गोरखपुर में मेट्रो रेल शुरू करने के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

सीएम योगी ने कहा कि निषादराज बोट सब्सिडी योजना के अंतर्गत नाविकों के लिए नाव खरीद हेतु 40% तक सब्सिडी उपलब्ध कराने की योजना भी बजट में शामिल की गई है। पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत निःशुल्क सोलर पैनल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं। 15,000 से अधिक सोलर पैनल उपलब्ध कराने की योजना को इस वित्तीय वर्ष में इस बजट का हिस्सा बनाया हैपीएम कुसुम योजना के अंतर्गत निःशुल्क सोलर पैनल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।
सुरेश खन्ना ने कहा कि 15,000 से अधिक सोलर पैनल उपलब्ध कराने की योजना को इस वित्तीय वर्ष में इस बजट का हिस्सा बनाया है। अगले 05 वर्ष में संपूर्ण बुंदेलखंड को प्राकृतिक खेती योजना के साथ जोड़ने के कार्य को भी इस योजना में लिया है। इससे पहले गंगा के किनारे के 05 किलोमीटर दायरे के क्षेत्र में केन्द्र सरकार के साथ मिलकर इस कार्ययोजना को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप फर्टिलाइजर, केमिकल और पेस्टीसाइड में कमी लाते हुए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे सकें। इस दृष्टि से यूपी ने पहले से ही कार्ययोजना बनाई थी। प्रदेश के हजारों किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं। प्रमुख घोषणाओं में मुख्य रूप से उज्ज्वला योजना के अंतर्गत लाभार्थी परिवार को वर्ष में 02 रसोई गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। अन्नदाता किसानों के लिए ‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष’ की स्थापना के लिए धनराशि फंड की स्थापना की गई है। हम लोगों ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व एक लोक कल्याण पत्र जारी किया था। इस संकल्प पत्र में कुल 130 घोषणाएं थीं, जिसमें 97 संकल्पों को हम लोगों ने अपने इस पहले ही बजट में स्थान दिया है। इसके लिए ₹54,883 करोड़ का प्रावधान किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत 2,949 चिकित्सालयों को आबद्ध किया गया है। प्रदेश के 1.78 करोड़ लाभार्थी परिवारों को लाभ दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित है, अब तक 1.84 करोड़ व्यक्तियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। हमारी सरकार ने वर्ष 2022-23 का बजट आज प्रस्तुत किया है। यह बजट प्रदेश की 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं की भावनाओं के अनुरूप प्रदेश के समग्र विकास, गांव, गरीब, किसान, नौजवान, महिलाएं, श्रमिक और समाज के प्रत्येक तबके को ध्यान में रखकर बनाया गया है।प्रदेश के 10 शहरों में 19 मॉडल स्ट्रीट वेंडिंग जोन का विकास किया जा रहा है। शहरी बेघरों के लिए आश्रय योजना के अन्तर्गत 130 शेल्टर होम क्रियाशील किए जा चुके हैं। शहरी स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना के अन्तर्गत 08 लाख 45 हजार से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण वितरित कर उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों एवं अनाथ बच्चों को कक्षा 06 से 12 तक गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान किए जाने हेतु प्रदेश के 18 मंडलों में 01-01 अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना कराई जा रही है। वृद्धावस्था पेंशन योजनान्तर्गत प्रत्येक लाभार्थी की पेंशन की राशि को बढ़ाकर ₹1,000 प्रतिमाह की दर से लगभग 56 लाख वृद्धजन को पेंशन प्रदान की जा रही है माध्यमिक शिक्षा में शिक्षक चयन में साक्षात्कार समाप्त कर 40,402 शिक्षकों का चयन एवं 7,540 पदों का सृजन किया गया है। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगभग 3,000 नर्सों को राजकीय मेडिकल कॉलेजों/अस्पतालों में नियुक्ति दी गई। प्रदेश की 54,876 ग्राम पंचायतों में स्थापित ग्राम सचिवालयों के सुचारु संचालन हेतु 56,436 पंचायत सहायक/लेखाकार सह डाटा एंट्री ऑपरेटर्स का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा अधिकाधिक सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों की स्थापना हेतु प्रोत्साहनात्मक वातावरण का सृजन किया गया, जिसके फलस्वरूप वित्तीय वर्ष 2021-22 में लगभग 3,97,028 उद्यम पंजीकृत हुए। जिससे 27 लाख 84 हजार 117 रोजगार का सृजन हुआ। यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि जून, 2016 में प्रदेश में बेरोजगारी की दर 18 प्रतिशत थी जो अप्रैल, 2022 में घटकर 2.9 प्रतिशत रह गई है। प्रदेश में निजी निवेश के माध्यम से 1.81 करोड़ युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया।
60 लाख से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया। पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से 05 वर्षों में युवाओं को 4.50 लाख सरकारी नौकरियों में लिया गया।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना हेतु ₹320.07 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के अधीन विभिन्न योजनाओं हेतु ₹2,908 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। आयुष्मान भारत योजना हेतु ₹560 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना हेतु ₹250 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। खेल अवस्थापनाओं एवं अन्य सुविधाओं को उपलब्ध कराते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रदेश में 36 अवस्थापनाओं का निर्माण किया जा रहा है तथा 06 अत्याधुनिक जिम विभिन्न जनपदों में स्थापित किए गए हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन हेतु ₹10,547.42 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना हेतु ₹620 करोड़ व्यवस्था प्रस्तावित है। खेल के विकास एवं उत्कृष्ट कोटि के खिलाड़ी तैयार करने हेतु जनपद मेरठ में मेजर ध्यानचन्द खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास 02 जनवरी , 2022 को प्रधानमंत्री द्वारा किया गया, जिस पर ₹700 करोड़ की धनराशि व्यय होगी। अन्तर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश के मूल निवासी पदक विजेता खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के माध्यम से राजपत्रित पदों पर नियुक्ति की व्यवस्था की गई है। प्रतियोगी छात्रों को अपने घर के समीप ही कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा सभी मंडल मुख्यालयों में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का संचालन किया गया है।
योजना हेतु ₹30 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से 25 दिसम्बर 2021 से निःशुल्क टैबलेट/स्मार्टफोन वितरण योजना प्रारम्भ की गई है।
अब तक लगभग 12 लाख टैबलेट/स्मार्टफोन वितरण हेतु उपलब्ध कराए जा चुके हैं। बुजुर्ग पुजारियों, सन्तों एवं पुरोहितों के समग्र कल्याण की योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु बोर्ड के गठन हेतु ₹1 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। ऑपरेशन विद्यालय कायाकल्प के माध्यम से सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे को रूपान्तरित किया गया है।
जिसके परिणामस्वरूप सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन में वृद्धि हुई है, जिसने वर्षों की गिरावट के रुझानों को उलट दिया। कुष्ठावस्था विकलांग भरण-पोषण योजना के अंतर्गत ₹3000/माह की दर से ₹34.50 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
मैनुअल स्कॅवेन्जर मृत्यु क्षतिपूर्ति योजना हेतु ₹1.50 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। नया सवेरा कार्यक्रम का उद्देश्य हमारे समाज से बाल श्रम को पूरी तरह समाप्त करना है।
जरूरतमंद परिवारों को नगद हस्तांतरण किया जा रहा है ताकि परिवार उन बच्चों की शिक्षा जारी रख सकें, जिनके बाल श्रम में शामिल होने का खतरा है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना हेतु ₹600 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।
दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान हेतु वित्तीय वर्ष 2022-2023 में ₹1,000 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है कोविड-19 के कारण अनाथ/प्रभावित हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था हेतु जून, 2021 से ‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ का संचालन किया जा रहा है। इस योजना के अन्तर्गत पात्र बच्चों को ₹4,000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। निराश्रित महिला पेंशन योजनान्तर्गत देय पेंशन की धनराशि बढ़ाकर ₹1000/माह कर दिया गया है। इससे 31 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया गया।
वित्तीय वर्ष 2022-2023 में योजना हेतु ₹4,032 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। खेल अवस्थापनाओं एवं अन्य सुविधाओं को उपलब्ध कराते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रदेश में 36 अवस्थापनाओं का निर्माण किया जा रहा है तथा 06 अत्याधुनिक जिम विभिन्न जनपदों में स्थापित किए गए हैं। भारत सरकार की खेलो इंडिया एक जनपद- एक खेल योजनान्तर्गत प्रदेश के 75 जनपदों में खेलों इण्डिया सेंटर्स की स्थापना प्रस्तावित है। खेल के विकास एवं उत्कृष्ट कोटि के खिलाड़ी तैयार करने हेतु जनपद मेरठ में मेजर ध्यानचन्द खेल विश्वविद्यालय के निर्माण पर ₹700 करोड़ की धनराशि व्यय होगी।
विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु ₹50 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। जनपद वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की स्थापना के लिए भूमि क्रय हेतु ₹95 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। युवा अधिवक्ताओं को कार्य के शुरुआती 03 वर्षों के लिए किताब एवं पत्रिका क्रय करने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने हेतु ₹10 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। युवाओं के बीच विभिन्न क्षेत्रों में उद्यमशीलता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नई उप्र स्टार्टअप नीति -2020 के अंतर्गत 05 वर्ष में प्रत्येक जनपद में कम से कम से एक तथा कुल 100 इन्क्यूबेटर्स एवं 10,000 स्टार्टअप्स की स्थापना का लक्ष्य। स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तीकरण योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-2023 के लिए ₹1,500 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जनपदों में किया जा रहा है, योजना हेतु ₹30 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। कोविड-19 संक्रमण के कारण अनाथ/प्रभावित हुये बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था हेतु जून, 2021 से उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का संचालन हो रहा है।
योजनान्तर्गत पात्र बच्चों को ₹4,000/माह की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। कुपोषण के मुद्दों को दूर करने हेतु 203 ब्लॉक स्तरीय केंद्रों को बढ़ावा देकर कुपोषण पुनर्वास केंद्रों को जिलों से ब्लॉक तक ले जाने के लिए बजटीय प्रावधान किया जा रहे हैं। प्रदेश के जनपदों में 2,740 महिला पुलिस कार्मिकों को 10,370 महिला बीटों का आवंटन किया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बेहतर कार्य प्रदर्शन हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से सितम्बर 2021 से ₹1,500/माह की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की रही है। सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्षेत्र में ‘मिशन शक्ति’ कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तीकरण तथा कौशल विकास हेतु ₹20 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। महिलाओं की अधिक भागीदारी हेतु 03 महिला PAC बटालियन लखनऊ, गोरखपुर तथा बदायूं का गठन किया जा रहा है।
समस्त जनपदों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापना की जा रही है, महिला सामर्थ्य योजना हेतु ₹72.50 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। रबी विपणन वर्ष 2022-2023 में भारत सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,015 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया।
प्रदेश में गेहूं क्रय अवधि दिनांक 01 अप्रैल , 2022 से 15 जून 2022 तक निर्धारित है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत दुर्घटनावश मृत्यु/दिव्यांगता की दशा में अधिकतम ₹5 लाख दिए जाने का प्रावधान है।
वित्तीय वर्ष 2022-2023 के बजट में इस योजना हेतु ₹650 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। कृषकों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। वर्ष 2021 2022 में 99.80 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया गया है।
वर्ष 2022-2023 में 119.30 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य है। प्रदेश में 34,307 राजकीय नलकूपों तथा 252 लघु डाल नहरों द्वारा कृषकों को मुफ्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।
मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना हेतु ₹1,000 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को बेहतर कार्य प्रदर्शन हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से सितम्बर 2021 से ₹1,500 प्रतिमाह की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की रही है। ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ के क्रम में यूपीएसई-2018 की 100 टॉपर छात्राओं को लैपटॉप प्रदान किया गया। प्रदेश के जनपदों में 2,740 महिला पुलिस कार्मिकों को 10,370 महिला बीटों का आवंटन किया गया।
महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी हेतु 03 महिला पीएसी बटालियन का गठन किया जा रहा है। प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के उद्देश्य से सभी जनपदों के समस्त 1535 थानों पर महिला बीट आरक्षी नामित करते हुए ‘महिला हेल्प डेस्क’ की स्थापना की गई है।
उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई तत्काल की जा रही है। वर्ष 2020-21 में ₹7085 करोड़ 59 लाख का अल्पकालिक ऋण किसानों को वितरित किया जा चुका है, जिससे 17.99 लाख किसान लाभान्वित हुए।
=वर्ष 2021-2022 में लगभग ₹7,539 करोड़ 81 लाख का ऋण वितरण किया जा चुका है, जिससे 18.61 लाख किसान लाभान्वित हुए। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने हेतु प्रदेश में 5,608 क्रय केन्द्र स्थापित कर 25 अप्रैल, 2022 तक लगभग 94 हजार मीट्रिक टन गेहूं का क्रय किया गया। खरीफ वर्ष 2021-2022 में 4,656 स्थापित क्रय केन्द्रों के माध्यम से 11 लाख से अधिक किसानों से 65 लाख 53 हजार मीट्रिक टन धान खरीद की गई, जिसके सापेक्ष किसानों के खातों में ई-पेमेंट के माध्यम से ₹12,485 करोड़ का सीधे भुगतान किया जा चुका है।