Wednesday , September 28 2022
WHO ने भारत की आशा कार्यकर्ताओं को 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवॉर्ड' से सम्मानित किया, PM ने दी बधाई
WHO ने भारत की आशा कार्यकर्ताओं को 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवॉर्ड' से सम्मानित किया, PM ने दी बधाई

WHO ने भारत की आशा कार्यकर्ताओं को ‘ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया, PM ने दी बधाई

नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने रविवार को भारत की 10 लाख महिला आशा कार्यकर्ताओं को देश में कोविड-19 महामारी के खिलाफ अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए ‘ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया। डब्ल्यूएचओ ने कहा, आशा जिसका हिंदी में अर्थ उम्मीद है…इन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया गया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा आशा वर्कर्स को ‘ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवॉर्ड’ दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, “खुशी है कि आशा वर्कर्स…को डब्ल्यूएचओ महानिदेशक के ‘ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवॉर्ड’ से…सम्मानित किया गया है।” उन्होंने कहा, “सभी आशा वर्कर्स को बधाई…वे एक स्वस्थ भारत सुनिश्चित करने में सबसे आगे हैं। उनका समर्पण और दृढ़ संकल्प सराहनीय है।”
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 10 लाख महिला आशा कार्यकर्ताओं को ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया। ये सम्मान उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए और कोरोना महामारी के खिलाफ उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए मिला। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने ट्वीट संदेश में कहा कि ‘ मुझे खुशी है कि आशा कार्यकर्ताओं की पूरी टीम को WHO महानिदेशक के ‘ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। सभी आशा कार्यकर्ताओं को बधाई। वे एक स्वस्थ भारत सुनिश्चित करने में सबसे आगे हैं। उनका समर्पण और दृढ़ संकल्प सराहनीय है’।
दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान आशा कार्यकर्ता ने फ्रंट लाइन वर्कर का काम किया। घर- घर जाकर कोरोना संक्रमित का पता लगाना और उनको प्राथमिक उपचार देने का काम किया। कोरोना महामारी के दौरान ही आशा कार्यकर्ता काफी चर्चा में आईं। इस सराहनीय काम पर उन्हें डब्ल्यूएचओ ने ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया है।
आशा कार्यकर्ता को आशा दीदी भी कहा जाता है। भारत सरकार से संबध्द मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता या आशा कार्यकर्ता होती हैं। जिनका काम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य से जुड़ी समास्या का प्राथमिक सुझाव देने का काम होता है। कोरोना महामारी में आशा कार्यकर्ता ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने रविवार को छह पुरस्कारों की घोषणा की। जिसमें वैश्विक स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने, क्षेत्रीय स्वास्थ्य मुद्दों के नेतृत्व और अपने काम के प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करने के लिए दिए गए।
75वीं विश्व स्वास्थ्य सभा के उच्च स्तरीय उद्घाटन कार्यक्रम में पुरस्कार समारोह को जोड़ा गया। इन पुरस्कारों की स्थापना 2019 में की गई थी। ‘ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’ विजेताओं का सेलेक्शन डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने किया।
डब्लूएचओ ने कहा कि सम्मानित लोगों में आशा कार्यकर्ता भी हैं, आशा का मतलब हिंदी में ‘उम्मीद’ है। भारत में 10 लाख से ज्यादा महिला कार्यकर्ता को स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया गया। डब्ल्यूएचओ डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने कहा कि जब दुनिया आसामानता, महामारी, संघर्ष, जलवायु संकट और खाद्य सुरक्षा से जूझ रही है ऐसे समय में ये पुरस्कार उनके सम्मान के लिए है। ये पुरस्कार उन लोगों के लिए जिनका दुनिया भर में स्वास्थ्य के प्रति उत्कृष्ट योगदान रहा है।