Friday , October 7 2022
चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रियंका ने क्यों बनाई UP से दूरी ?
चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रियंका ने क्यों बनाई UP से दूरी ?

चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रियंका ने क्यों बनाई UP से दूरी ?

लखनऊ। केंद्र की राजनीति में दूसरी बड़ी पार्टी की भूमिका निभाने वाली कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सातवें नंबर की पार्टी बनकर मात्र दो सीटों पर सिमट चुकी है। यूपी में कांग्रेस के 387 प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाए। यूपी में कांग्रेस की हुई ऐसी करारी मात से प्रियंका गांधी वाड्रा जो सदमा लगा उसके चलते वह उत्तर प्रदेश आना ही भूल गई हैं करीब दो माह से वह यूपी नहीं आई हैं। कांग्रेस के नेताओं की माने तो प्रियंका गांधी ने जिस तरह से यूपी से दूरी बनाई उससे ना तो पार्टी प्रदेश अध्यक्ष का चयन हो पा रहा है और ना ही पार्टी किसी मसले पर अपनी राय ही रख पा रही है।
प्रियंका गांधी के इस रुख से पार्टी के नेता हैरान हैं। पार्टी नेताओं के अनुसार यूपी में पार्टी खत्म होने की कगार पर है लेकिन पार्टी के अंदर न साजिशें थम रही हैं और न गुटबाजी। कांग्रेस नेताओं का एक खेमा विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद से ही प्रियंका गांधी वाड्रा पर सवाल खड़े कर रहा है और राज्य में हुई चुनावी हार का ठीकरा उनके ऊपर फोड़ रहा है। यह वह नेता हैं जो प्रियंका गांधी को लंबे समय से राजनीति में लाने की मांग कर रहे थे, उन्हें इंदिरा गांधी की प्रतिमूर्ति बता रहे थे।
हालांकि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि, पिछले तीन साल की कांग्रेस की हार और गड़बड़ियों का ठीकरा प्रियंका पर फोड़ने के लिए लोकसभा चुनाव का मुद्दा भी उठाया जा रहा है। और याद दिलाया जा रहा है कि कैसे प्रियंका ने अमेठी और रायबरेली में चुनाव लड़वाया और राहुल को अमेठी जैसी सीट से नहीं जीता सकीं। फिर विधानसभा चुनाव में भी पार्टी उनके चेहरे पर लड़ी तो दो सीटें मिलीं और ढाई फीसदी से कम वोट मिले।
पार्टी नेताओं की ऐसी उठापटक के बीच प्रियंका गांधी अब यूपी आने से बच रही हैं। उनकी समझ में ही नहीं आ रहा है कि वह कैसे यूपी में कांग्रेस के संगठन को खड़ा करें। ऐसे ही उधेड़बुन में उन्होंने ललितपुर की घटना को लेकर ट्वीट किया लेकिन चुनावी हार के बाद वह उस तरह से यूपी में सक्रिय नहीं दिखाई दे रही हैं जिस तरह से वह पहले हुआ करती थीं। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में प्रियंका गांधी जल्द ही यूपी के दौरे पर आएंगी और आम चुनाव की तैयारियों में जुटेंगी।
वरिष्ठ पत्रकार कुमार पंकज कहते हैं कि राजस्थान में हुई हिंसा को लेकर अगर आप चुप रहते हैं तो फिर आप को किसी अन्य सरकार पर आरोप लगाना ठीक नहीं हैं। बेहतर यह है कि प्रियंका गांधी यूपी में पार्टी का संगठन खड़ा करने और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का चयन करने पर ध्यान लगाएं। इसी से यूपी में पार्टी मजबूत होगी, चुनावी बयान बाजी करने से कुछ हासिल नहीं होगा, विधानसभा चुनावों के परिणाम इसका सबूत है। इसलिए यूपी मन रहकर पार्टी संगठन को मजबूत करने का प्रयास करें।