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मेहुल चोकसी के खिलाफ देश में ‘अवैध प्रवेश’ का आरोप वापस लिया

नयी दिल्ली। डोमिनिका की सरकार ने पीएनबी बैंक घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी को राहत देते हुए पिछले साल मई में एंटीगुआ और बारबुडा से ‘‘ संदिग्ध परिस्थितियों और अवैध तरीके से’’देश में प्रवेश करने के आरोपों को वापस ले लिया है। उसके प्रवक्ता ने लंदन में यह जानकारी दी। चोकसी को एंटीगुआ और बारबुडा से लापता होने के बाद पिछले साल मई में कैरिबियाई द्विपीय देश डोमिनिका ने उसे हिरासत में लिया था। चोकसी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से कथित तौर पर 13,500 करोड़ रुपये का घोटाला करने के बाद जांच से बचने के लिए भागकर एंटीगुआ और बारबुडा चला गया था और वहां की नागरिकता ले ली थी।

इस मामले में उसका भांजा नीरव मोदी सह अभियुक्त है। डोमिनिका की उच्च न्यायालय ने चोकसी को 51 दिनों के बाद जमानत दी थी। इस दौरान भारत ने उसे वापस लेने की कोशिश की थी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम वहां पर निजी विमान के साथ डेरा डाले हुए थी। हालांकि, चोकसी के वकील ने आरोप लगाया था कि ‘‘ भारतीय दिखने वाले लोग’’ उसके मुवक्किल को एंटीगुआ से अपहरण कर डोमिनिका लाए हैं। प्रवक्ता ने बताया कि डोमिनिका में अवैध तरीके से दाखिल होने के सभी मामलों की कार्रवाई 20 मई को वापस ले ली गई। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ चोकसी प्रसन्न हैं कि डोमिनिका की सरकार ने मई 2021 में अवैध तरीके से दाखिल होने के सभी आरोपों को वापस ले लिया है। यह करके उन्होंने मान्यता दी है कि उनके (चोकसी के) खिलाफ कभी कोई मामला नहीं था।

चोकसी को जबरन एंटीगुआ से उनकी इच्छा के विपरीत भारत के एजेंटों द्वारा निकाला गया। उनपर हमला किया गया और उन्हें नाव के जरिये डोमिनिका ले जाया गया, जहां पर फिर उन्हें अवैध तरीके से अधिकारियों को उस अपराध में सौंपा गया जो उन्होंने किया ही नहीं था।’’ बयान में कहा गया कि चोकसी की कानूनी टीम अपने मुवक्किल के खिलाफ हुए मानवाधिकार के उल्लंघन के मामले में न्याय की सभी संभावनाओं को टटोलेगी। उन्होंने कहा,‘‘चोकसी को उम्मीद है कि 23 मई 2021 को एंटीगुआ में उनका अपहरण करने में शामिल सभी लोगों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।