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मन की बात : नए साल पर Resolution को लेकर क्या बोले PM मोदी, पढ़ें

नई दिल्ली : केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर करीब एक महीने से किसानों का आंदोलन जारी हैं. जहां सरकार एक तरफ किसानों को मानाने में जुटी है वाही किसान भी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं. इसी बीच सरकार ने किसानों से फिर बातचीत की पेशकश की, जिसे आंदोलनकारी किसानों ने स्वीकार कर लिया है. इस मीटिंग के लिए 29 दिसंबर को सुबह 11 बजे का समय निर्धारित किया गया है. वहीं, कुछ किसान संगठनों ने ताली और थाली बजाकर पीएम मोदी के कार्यक्रम का विरोध जताने की बात कही है. इसी बीच रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आकाशवाणी पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं. 2020 का ये आखिरी संस्करण माना जा रहा है.

हमने हर संकट से नए सबक लिए

कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश के सम्मान में सामान्य मानवी ने इस बदलाव को हमसूस किया है. मैंने देश में आशा का एक अद्भुत प्रवाह भी देखा है. चुनौतियां खूब आई, संकट भी अनेक आए. कोरोना के कारण दुनिया में सप्लाइ चेन को लेकर अनेक बाधाएं भी आई, लेकिन हमने हर संकट से नए सबक लिए. अधिकतर पत्रों में लोगों ने देश के सामर्थ्य, देशवासियों की सामूहिक शक्ति की भरपूर प्रशंसा की है. जब जनता कर्फ्यू जैसा अभिनव प्रयोग, पूरे विश्व के लिए प्रेरणा बना, जब ताली-थाली बजाकर देश ने हमारे कोरोना वॉरियर्स का सम्मान किया था, एकजुटता दिखाई थी उसे भी कई लोगों ने याद किया है.

​एक रिज़्योल्यूशन देश के लिए भी जरूर लेना है

उन्होंने कहा हम दिन भर जो चीजें काम में लेते हैं उन सभी चीजों की विवेचना करें और ये देखें कि अनजाने में कौन-सी विदेश में बनी चीजों ने हमारे जीवन में प्रवेश कर लिया है. इनके भारत में बने विकल्पों का पता करें और ये तय करें कि हम आगे से भारत में बने उत्पादों का इस्तेमाल करेंगे. आप हर साल नए साल पर रिज़्योल्यूशन लेते हैं, इस बार एक रिज़्योल्यूशन अपने ​देश के लिए भी जरूर लेना है. कोरोना के कारण, आपूर्ति श्रृंखला दुनिया भर में बाधित हो गई, लेकिन हमने प्रत्येक संकट से नए सबक सीखे. राष्ट्र ने नई क्षमताओं को भी विकसित किया है. इस क्षमता को हम आत्मनिर्भरता कह सकते हैं.

तेंदुओं की संख्या में 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी

उन्होंने कहा वोकल फॉर लोकल ये आज घर-घर में गूंज रहा है ऐसे में अब यह सुनिश्चित करने का समय है कि हमारे उत्पाद विश्ववस्तरीय हों. जो भी ग्लोबल बेस्ट है, वो हम भारत में बनाकर दिखाएं. इसके लिए हमारे उद्यामी साथियों को आगे आना है. स्टार्टअप को भी आगे आना है. भारत में तेंदुओं की संख्या में, 2014 से 2018 के बीच, 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है.  तेदुओं की सबसे ज्यादा आबादी मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में है. पिछले कुछ सालों में, भारत में शेरों की आबादी बढ़ी है, बाघों की संख्या में भी वृद्धि हुई है, साथ ही भारतीय वनक्षेत्र में भी इजाफा हुआ है.

संस्कृति में जितना भी ज्ञान है सब जिज्ञासा से ही शुरू होता है

उन्होंने कहा कि गीता की ही तरह, हमारी संस्कृति में जितना भी ज्ञान है सब जिज्ञासा से ही शुरू होता है. वेदांत का तो पहला मंत्र ही है ‘अथातो ब्रह्म जिज्ञासा’, अर्थात आओ हम ब्रह्म की जिज्ञासा करें. इसलिए तो हमारे यहां ब्रह्म के भी अन्वेषण की बात कही जाती है. जिज्ञासा की ताकत ही ऐसी है. कश्मीरी केसर वैश्विक स्तर पर एक ऐसे मसाले के रूप में प्रसिद्ध है, जिसके कई प्रकार के औषधीय गुण हैं. यह अत्यंत सुगन्धित होता है, इसका रंग गाढ़ा होता है और इसके धागे लंबे व मोटे होते हैं. जो इसकी औषधीय मूल्य को बढ़ाता है.

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